EntertainmentViral

‘आदित्य धर पर कोई दबाव नहीं’, धुरंधर की कामयाबी पर पंकज त्रिपाठी का बयान, बोले- उसे कोई नहीं रोक सकता था

बॉलीवुड एक्टर सिनेमाजगत में अपने शानदार किरदारों के लिए जाने जाते है। उन्होंने लगातार अपने किरदारों में विभिन्नता दिखाई और अपने चाहने वालों को अपना मुरीद बना लिया। एक्टर ने हाल ही में एक इंटरव्यू दिया जिसमें कई मुद्दों पर बात की। अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल जिंदगी पर एक्टर यहां खुलकर बात करते दिखाई दिए। यहां उनसे मेकर्स को मिलने वाली आजादी पर और कला की जिम्मेदारी पर सवाल किया गया।

‘आदित्य धर पर कोई दबाव नहीं’, धुरंधर की कामयाबी पर पंकज त्रिपाठी का बयान, बोले- उसे कोई नहीं रोक सकता था
‘आदित्य धर पर कोई दबाव नहीं’, धुरंधर की कामयाबी पर पंकज त्रिपाठी का बयान, बोले- उसे कोई नहीं रोक सकता था

एक्टर ने अपने अंदाज में जवाब दिया और ‘धुरंधर’ का उदाहरण दिया। आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ पर उनका बयान सामने आया। उनका कहना है कि फिल्म में डायरेक्टर को मिली आजादी पर्दे पर साफ दिखाई दी है। हर फिल्म में ऐसा करने की आजादी नहीं होती है। चलिए बताते है एक्टर ने क्या कहा।

पंकज त्रिपाठी ने बताया मेकर्स का डर

मेकर्स को मिलने वाली आजादी पर बात करते हुए एक्टर ने कहा- मेरी फिल्म ‘ओह माय गॉड 2’ शानदार फिल्म थी, अच्छे मुद्दे पर थी। ‘गदर’ के साथ सिनेमाघरों में रिलीज हुई और 180 करोड़ रुपये की कमाई कर गई। आंकड़े इसलिए बता रहे है क्योंकि फिल्म की सक्सेस अब उसी से तय होती है। लेकिन उसके रिलीज से पहले एक कंट्रोवर्सी हुई थी जिसके बाद मेकर्स परेशान हो गए थे। फिर भी लोगों ने फिल्म को पसंद किया। लेकिन अब मेकर्स डरे हुए है। डायरेक्टर को आजादी नहीं मिलती है कि तुम जैसा बनाना चाहो बना सकते हो।

‘धुरंधर’ की तारीफ में क्या कहा

‘धुरंधर’ का उदाहरण देते हुए आगे एक्टर ने कहा- ‘मैंने कल देखी आदित्य धर की फिल्म। अभी पूरी नहीं देखी है लेकिन शुरु के 15 मिनट मैंने देखा औस सोचा इस फिल्म को कौन रोक सकता था। ये तो चलनी ही थी। मैं यह इसलिए नहीं कह रहा हूं क्योंकि अब वह फिल्म चल गई है। मैं तीन चार महीनें बाद अब ये बात कर रहा हूं। उस फिल्म के हर फ्रेम में डायरेक्टर का दृढ़ विश्वास है। हर फ्रेम में डायरेक्टर को मिली आजादी दिखा रही है कि जो उसने चाहा है वही बनाया है। किसी बाहर का दबाव नहीं है आदित्य के ऊपर।’

Khabar Monkey

क्या कला की जिम्मेदारी एक्टर की है

पंकज त्रिपाठी को बड़े पर्दे पर अक्सर काफी इंस्पाएरिंग किरदार निभाते देखा गया है। चाहे बात ‘ओह माय गॉड 2’ की हो या ‘गुजन सक्सेना’ की। ऐसे में उनसे जब पूछा गया कि क्या कला की जिम्मेदारी एक्टर की होती है। तो एक्टर ने कहा कि ‘अगर आप दुनिया को रियल दिखाने के चक्कर में अगर आप उसे बिल्कुल वैसा ही दिखा देंगे तो इसमें कला कहां हुई। लेकिन इस दुनिया में लोग गाली भी देते है, हर तरह का काम करते है, हम ऐसा बना देंगे लेकिन कला नहीं कहेंगे इसे।’

‘साथ में वह कहते है कभी कभी लगता है कि सिनेमा को काफी बड़ें पैमाने पर देखा जाता है तो लोग प्रभावित तो होते होंगे। पहले काफी लोग हुए भी है और फिल्मों के बड़े किरदारों को देख अपने जीवन में बड़ा भी बने है। लेकिन अब स्टोरीटेलिंग का तरीका बदल चुका है।’

Leave a Reply