भारत के पहले स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी (5th Generation) के लड़ाकू विमान, एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट को लेकर एक बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी सामने आई है. रक्षा मंत्रालय की संस्था ‘एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी’ (ADA) ने इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए शॉर्टलिस्ट की गई तीन भारतीय दिग्गज कंपनियों/कंसोर्टियम (कंपनियों के समूह) को RFP (Request for Proposal) यानी आधिकारिक टेंडर जारी कर दिए हैं. इस बड़े कदम के साथ ही भारत के सबसे महत्वाकांक्षी फाइटर जेट प्रोग्राम का काम अब जमीनी स्तर पर बेहद तेजी से आगे बढ़ गया है.

रेस में शामिल हैं देश के ये 3 बड़े कॉर्पोरेट नाम
इस ₹15,000 करोड़ के महा-प्रोजेक्ट को हासिल करने के लिए देश की तीन बड़ी प्राइवेट और सरकारी भागीदारी वाली कंपनियों के बीच तगड़ा मुकाबला है:
- भारत फोर्ज (Bharat Forge) – BEML – डेटा पैटर्न्स (Data Patterns)
- लार्सन एंड टुब्रो (L&T) – BEL – डायनेमैटिक टेक्नोलॉजीज (Dynamatic Technologies)
- टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL)
प्रोजेक्ट के तहत क्या-क्या बनाया जाएगा?
इस टेंडर के तहत जो भी कंपनी चुनी जाएगी, उसे शुरुआती फेज (Development Phase) में देश के लिए कई महत्वपूर्ण चीजें तैयार करनी होंगी.
Khabar Monkey
- 5 फ्लाइंग प्रोटोटाइप: यानी उड़ने वाले पांच शुरुआती विमान, जिनका इस्तेमाल अलग-अलग सिस्टम्स और उड़ानों के कड़े टेस्ट (Flight Validation) के लिए किया जाएगा.
- स्ट्रक्चरल टेस्ट स्पेसिमेन: विमान का एक ऐसा ढांचा (Stucture) तैयार करना, जिस पर उसकी मजबूती और भारी दबाव झेलने की क्षमता की टेस्टिंग होगी.
- टेस्ट फैसिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर: इन अत्याधुनिक विमानों को बनाने और परखने के लिए देश में ही वर्ल्ड-क्लास लैब्स और टेस्टिंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
क्या है टाइमलाइन? (कब भरेगा उड़ान?)
AMCA प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए सरकार ने बेहद सख्त और सटीक टाइमलाइन तय की है.
- P1 (पहला प्रोटोटाइप): आधिकारिक कॉन्ट्रैक्ट साइन होने के 30 महीने के भीतर यह अपनी पहली उड़ान भरेगा.
- P5 (पांचवां प्रोटोटाइप): कॉन्ट्रैक्ट साइन होने के 64 महीने के भीतर आसमान में होगा.
- फ्लाइट टेस्टिंग: सभी पांचों प्रोटोटाइप विमानों की पूरी टेस्टिंग और कड़े ट्रायल्स का काम 64 से 84 महीनों के बीच पूरा कर लिया जाएगा.
क्यों खास है AMCA?
AMCA भारत का पहला ‘स्टील्थ’ फाइटर जेट होगा, यानी इसे दुश्मन के रडार आसानी से नहीं पकड़ पाएंगे. इसमें सुपर-क्रूज़ क्षमता, लेज़र गाइडेड बम, एडवांस एआई (AI) और अंदरूनी वेपन बे (हथियार रखने की गुप्त जगह) जैसी अत्याधुनिक खूबियां होंगी, जो इसे अमेरिकी F-35 और चीनी J-20 की टक्कर का बनाएंगी.





