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World Thyroid Day: क्यों महिलाओं को ज्यादा होता है थायराइड, क्या ये ठीक हो सकता है? एक्सपर्ट से जानें

थायराइड एक गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम है और इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है. हमारे गले में तितली के आकार की एक ग्रंथि मौजूद होती है जिससे हार्मोन रिलीज होते हैं. अगर ये ज्यादा या कम होर्मोन बनाए तो थायराइड बिगड़ जाता है. यहां हम एक्सपर्ट के जरिए थायराइड से जुड़े कुछ सवालों के जवाब देने जा रहे हैं. माना जाता है कि थायराइड की बीमारी महिलाओं में ही क्यों ज्यादा होती है. एक सवाल ये भी रहता है कि क्या इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. डॉक्टर मीनाक्षी जैन (प्रिसिंपल डायरेक्टर एंड हेड ऑफ डिपार्टमेंट, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पीटल, पटपड़गंज) से टीवी9 ने इस हेल्थ प्रॉब्लम को लेकर खास बात की.

World Thyroid Day: क्यों महिलाओं को ज्यादा होता है थायराइड, क्या ये ठीक हो सकता है? एक्सपर्ट से जानें
World Thyroid Day: क्यों महिलाओं को ज्यादा होता है थायराइड, क्या ये ठीक हो सकता है? एक्सपर्ट से जानें

बता दें कि थायराइड शरीर की एक छोटी ग्रंथि है जो हार्मोन बनाकर मेटाबॉलिज्म, वजन, एनर्जी और मूड पर प्रभाव डालती है. आजकल यह समस्या महिलाओं में ज्यादा देखी जा रही है, लेकिन इसे सही इलाज और स्वस्थ जीवनशैली से अच्छी तरह नियंत्रित किया जा सकता है.

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महिलाओं में ज्यादा क्यों?

डॉक्टर मीनाक्षी जैन (प्रिंसिपल डायरेक्टर एंड हेड ऑफ डिपार्टमेंट, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज) का कहना है कि महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन अधिक होते हैं और इनके उतार‑चढ़ाव जैसे पीरियड्स, गर्भावस्था और मेनोपॉज से थायराइड की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा, आनुवंशिकता, आयोडीन की कमी, तनाव, ऑटोइम्यून समस्याएं और धूम्रपान जैसी आदतें भी महिलाओं में थायराइड बढ़ने के कारण बनती हैं. बिजी लाइफस्टाइल, ठीक से नींद न आना और खराब खानपान भी इसमें भूमिका निभाते हैं.

क्या थायराइड पूरी तरह ठीक हो सकता है?

थायराइड को जड़ से खत्म करने की बात अक्सर समझ में गलती से ली जाती है. अधिकांश मामलों में यह दीर्घकालिक समस्या होती है, लेकिन नियमित दवा, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली से इसे बहुत अच्छी तरह कंट्रोल किया जा सकता है. इसके बाद लक्षण कम हो जाते हैं और व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है, लेकिन अक्सर डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लंबे समय तक जारी रखनी पड़ती है.

थायराइड कंट्रोल के लिए योग और एक्सरसाइज

नियमित शारीरिक गतिविधि और योग तनाव कम करते हैं और मेटाबॉलिज्म बढ़ाकर थायराइड के लक्षणों को सुधार में मदद करते हैं. शुरुआत में हल्की से मध्यम एक्सरसाइज, जैसे सुबह की तेज चाल से सैर, साइकिलिंग या नृत्य, बहुत फायदेमंद रहती है.

योग के रूप में ध्यान, गहरी सांस लेने वाले प्राणायाम (जैसे नाड़ीशोधन, भ्रामरी) और गले पर हल्का दबाव डालने वाले योगासन जैसे सर्वांगासन, हलासन, मत्स्यासन—का नियमित अभ्यास थायराइड ग्रंथि पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, लेकिन इन्हें किसी अनुभवी योग गुरु या डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए. मेडिटेशन, योग और नियमित नींद तनाव कम करते हैं, जिससे हार्मोनल संतुलन सुधरता है और थायराइड बेहतर नियंत्रण में रहता है.

देखा जाए तो महिलाओं में थायराइड के ज्यादा मामले हार्मोनल उतार‑चढ़ाव और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े हैं. इसे पूरी तरह जड़ से खत्म करने की गारंटी नहीं होती. दवा, बैलेंस डाइट, योग और नियमित व्यायाम से यह बहुत अच्छी तरह कंट्रोल में रखा जा सकता है और जीवन सामान्य रह सकती है.

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