इस समय लगभग पूरे देश में भीषण गर्मीका असर देखने को मिल रहा है. कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. बढ़ती गर्मी को देखते हुए भारत सरकार और हेल्थ विभाग ने सबको सतर्क रहने की सलाह दी है. खासकर 5 से 6 साल के बच्चों को सेहत का खास ख्याल रखना है. बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दें. आइए जानते हैं बच्चों को हीट स्ट्रोक से बचाकर कैसे रख सकते हैं. बच्चों में हीट स्ट्रोक के लक्षण क्या है.

बच्चों पर पड़ता है सबसे ज्यादा असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार छोटे बच्चे और नवजात बच्चे हीट स्ट्रोक के पति काफी संवेदनशील होते हैं. गर्मी में छोटी सी लापरवाही उनकी सेहत पर भारी पड़ सकती है. बच्चों का शरीर बहुत जल्दी गर्म हो जाता है, पसीना भी कम निकलता है. जिस वजह से शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है जो कि हीट स्ट्रोक का कारण बन सकता है.
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इन बातों का ध्यान रखें
गर्मी के मौसम में बच्चों को खास देखभाल की जरूरत है. बच्चों को हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए उन्हें ठंडी और हवादार जगह पर रखें. उन्हें तेज धूप या बंद कमरे में अकेला ना छोड़ें, शरीर का तापमान समय-समय पर चेक करते रहे. बच्चों को पानी पिलाएं. छोटे बच्चों को समय-समय पर दूध पिलाएं. उनके कपड़ों और साफ-सफाई का ध्यान रखें.
सुती के कपड़े
बच्चों को गर्मियों में हल्के ढीले और सूती कपड़े पहनाने चाहिए. ज्यादा कपड़े पहनाने से शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती है. इसके अलावा बच्चों को ठंडे पानी से नहलाना चाहिए. गीले कपड़े से शरीर को साफ करना चाहिए.
इन लक्षणों को ना करें नजरअंदाज
अगर आपका बच्चा गर्मियों में चिड़चिड़ा हो जाए, उल्टी करें, ज्यादा नींद आए, तेज बुखार और सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं. बच्चों में अक्सर हीट स्ट्रोक के इन लक्षणों को माता-पिता नजरअंदाज कर देते हैं.





