
दुनिया में इस्लाम एक ऐसा मजहब है जो एक अल्लाह के अलावा हर शक्ति को सिरे से नकार देता है। भारत में चुनावी दौर में इन दिनों मंगलसू्त्र पर पीएम मोदी का बयान चर्चा में है। मुसलमानों को लेकर मंगलसूत्र के बारे में जो जुमले सियासी गलियारों में गूंज रहे हैं उन्हें क्या मालूम कि इस्लाम में मंगलसूत्र के बारे में क्या फरमान है। हम इस पोस्ट में जानेंगे कि मुस्लिम महिलाओं के लिए मंगलसू्त्र (Islam me Mangalsutra) पहनने के बारे में का क्या हुक्म है। मुस्लिम महिलाएं इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि सियासत करने वालों को करारा जवाब मिल सके।
इस्लाम में मंगलसूत्र (Islam me Mangalsutra) पहनना जायज नहीं है। मुसलमानों के लिए सिंदूर बिंदी और मंगलसूत्र जैसी चीजें धारण करना हराम है। इस्लाम में अल्लाह के अलावा किसी और से मदद या करिश्मे की उम्मीद रखना शिर्क है। हालांकि कई मुस्लिम महिलाएं आजकल फैशन के नाम पर मंगलसूत्र पहनने लग गई है लेकिन मंगलसूत्र का इस्लाम में कहीं कोई जिक्र नहीं है। बल्कि इस्लाम में महिलाओं को कम से कम सोना चांदी पहनने का हुक्म है। क्योंकि ये महंगी धातुएं इंसानी लालच को जन्म देती हैं।
मुसलमान औरतें फैशन के नाम पर Mangalsutra पहन रही
भले ही पीएम मंगलसूत्र पर मुसलमानों (PM Modi Mangalsutra Remark) को बदनाम कर रहे हैं लेकिन हकीकत ये है कि मुस्लिम बंधुओँ को मंगलसूत्र से कोई लेना देना ही नहीं है। जो चीज इस्लाम में मना है उसे भला कोई मुसलमान क्यों किसी से छीनकर पहनने लगेगा। ये सब सियासी दांवपेंच है जो कि चुनाव जीतने के लिए इस्तेमाल किये जा रहे हैं। लेकिन देश के प्रधानमंत्री को ये शोभा नहीं देता है कि वह मुसलमानों को इस तरह मंगलसूत्र के नाम पर बदनाम कर रहे हैं। पीएम पूरे देश का होता है न कि केवल एक समुदाय विशेष का। विकास के नाम पर जातिगत ज़हर घोलने की यह राजनीति नाकाबिले बर्दाश्त है।
मंगलसूत्र का हिंदू धर्म में महत्व (Hindu Dharm me Mangalsutra)
मंगलसूत्र सनातन धर्म को मानने वाली सुहागिन महिलाओं के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। दरअसल मंगलसूत्र में एक धागे में काले मोती होते हैं और एक सोने का हिस्सा होता है। मंगलसूत्र में पिरोये गए काले मोती से अशुभ शक्तियां दूर होती हैं। माना जाता है कि मंगलसूत्र हर हालत में पति की रक्षा करता है और पति पर आने वाली तमाम विपत्तियां दूर होती हैं। ये गलत बात है कि राजनीति के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।
मुस्लिम महिलाएं क्या करें ?
इस्लाम में मुस्लिम महिलाओं को ज़ीनत इख्तियार करने के लिए कहा गया है रोका नहीं गया है। लेकिन फैशन के नाम पर हर कुछ पहनने से मना फरमाया गया है। चूंकि मंगलसूत्र को पति (Islam me Mangalsutra) की पहचान के तौर पर पहना जाता है इसी वजह से इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता है। क्योंकि ये भी अल्लाह के अलावा किसी और को माबूद मानने जैसा ही है। इसकी बजाए खवातीन को मेहंदी लगाने चूड़िया पहनने और जेवर पहनने का हुक्म दिया गया है।
ये तमाम जानकारी जनहित में पोस्ट की गई है। हमारा मकसद किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। लेकिन अगर फिर भी हमसे कोई कमी पेशी गलती होती है तो अल्लाह के वास्ते हमें माफ करें। हम हिंदू मुस्लिम एकता के पक्षधर है क्योंकि लड़ाई से केवल नुकसान होता है और मिल जुलकर रहने से ही सबका साथ सबका विकास संभव है।




