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Mangal Ki Drishti: 21 जून तक कर्क, वृश्चिक सहित 3 राशियों पर है मंगल की दृष्टि का प्रभाव, जानें शुभ-अशुभ प्रभाव

Mangal Ki Drishti: ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह की 3 दृष्टियां होती हैं। मंगल चतुर्थ, सप्तम और अष्टम दृष्टि से देखते हैं। वर्तमान में मंगल ग्रह मेष राशि में विराजमान हैं और 21 जून तक इसी राशि में संचार करेंगे। मेष राशि में बैठकर शनि की चतुर्थ दृष्टि कर्क राशि पर पड़ेगी, सप्तम दृष्टि तुला राशि पर और अष्टमी वृश्चिक पर। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि इन तीनों राशियों को मंगल की दृष्टि से कैसे प्रभाव जीवन में देखने को मिल सकते हैं। 

Mangal Ki Drishti: 21 जून तक कर्क, वृश्चिक सहित 3 राशियों पर है मंगल की दृष्टि का प्रभाव, जानें शुभ-अशुभ प्रभाव
Mangal Ki Drishti: 21 जून तक कर्क, वृश्चिक सहित 3 राशियों पर है मंगल की दृष्टि का प्रभाव, जानें शुभ-अशुभ प्रभाव

कर्क राशि 

कर्क पर मंगल की चतुर्थ दृष्टि है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल की चतुर्थ दृष्टि व्यक्ति को ऊर्जा भी देती है लेकिन कुछ संघर्ष भी जीवन में पैदा होते हैं। हालांकि चतुर्थ दृष्टि करियर के क्षेत्र में लाभ दिलाने वाली होती। कर्क राशि पर मंगल की चतुर्थ दृष्टि होने के कारण इस राशि के लोग थोड़ा सख्त हो सकते हैं। भविष्य को लेकर चिंताएं इस राशि के जातकों के मन में जाग सकती हैं और ये कड़ा परिश्रम भी करते देखे जा सकते हैं। कार्यक्षेत्र में बेहद अच्छे परिणाम इनको मिलने के आसार हैं। मगल की चतुर्थ दृष्टि कर्क पर होने के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा देखने को मिल सकता है। इस राशि के कुछ लोग भूमि-भवन खरीद सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए भी समय अच्छा साबित हो सकता है। हालांकि सफलता परिश्रम के बाद ही मिलेगी। कुल मिलाकर देखें तो कर्क राशि वालों के लिए मंगल की चतुर्थ दृष्टि शुभ साबित हो सकती है।  

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तुला राशि 

मंगल सप्तम दृष्टि से तुला राशि को देखेंगे। मंगल की सातवीं दृष्टि व्यक्ति को महत्वाकांक्षी बनाती है और व्यक्ति के साहस में भी वृद्धि होती है। हालांकि वैवाहिक जीवन के लिए सातवीं दृष्टि शुभ नहीं मानी जाती। तुला राशि के जातकों को कारोबार में लाभ मिल सकता है। आप अपने कारोबार का विस्तार कर सकते हैं। इसके साथ ही उन नौकरी पेशा लोगों के लिए भी समय रहेगा जो पुलिस, सेना, इंजीनियरिंग आदि का काम करते हैं। वैवाहिक संबंधों को सुधारने की आपको आवश्यकता होगी, वाद-विवाद करने से बचें। जो लोग सामाजिक कार्य करते हैं उनकी ऊर्जा बढ़ेगी। साहसिक कार्यों में इस राशि के जातक हिस्सा ले सकते हैं। सेहत को लेकर थोड़ी सावधानियां इस राशि के जातकों को बरतनी चाहिए। 

वृश्चिक राशि 

मंगल ग्रह की अष्टम दृष्टि को सबसे अधिक तीव्र और आक्रामक माना जाता है। अष्टम दृष्टि के चलते व्यक्ति के जीवन में अचानक से परिवर्तन आ सकते हैं। मंगल ग्रह वृश्चिक राशि के स्वामी हैं इसलिए इन्हें अच्छे-बुरे दोनों तरह के परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। आपको सामाजिक स्तर पर विवाद करने से बचना होगा। ऑफिस में होने वाली राजनीति से जितना दूर रहेंगे उतना आपके लिए अच्छा होगा। इस राशि के कुछ लोगों को गुप्त या कहीं अटका हुआ धन वापस मिलने के आसार हैं। अष्टम दृष्टि परिवर्तन करवाने वाली भी मानी जाती है इसलिए आप स्थान परिवर्तन या फिर जॉब में बदलाव भी कर सकते हैं। गुप्त विद्याओं को जानने में इस राशि के जातकों की रुचि बढ़ सकती है। हालांकि सेहत का इनको ख्याल रखना होगा और वाहन चलाते समय भी सावधानी बरतनी होगी। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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