Sachin Tendulkar vs Joe Root: इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट पिछले 4-5 सालों से टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। रूट ने पिछले साल भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था, उसके बाद भी उन्हें जिस भी टेस्ट सीरीज में खेलने का मौका मिला, वहां उनके बल्ले से खूब रन निकले। ऐसे में इस वक्त फैंस और कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि रूट आने वाले दिनों में टेस्ट क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले रिकॉर्ड को तोड़ देंगे।

सचिन तेंदुलकर और जो रूट के बीच कितने रनों का है अंतर?
सचिन तेंदुलकर और जो रूट के बीच 1978 रनों का ही अंतर रह गया है। रूट टेस्ट क्रिकेट में फिलहाल 163 मैचों में 13943 रन बना चुके हैं। इसके साथ ही वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं। रूट इस वक्त जिस तरह की फॉर्म में रूट चल रहे हैं, उसे देखते हुए ऐसा ही लग रहा है कि वह आगामी 2 साल में सचिन तेंदुलकर का यह रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। हाल ही में जो रूट से भी इसको लेकर सवाल पूछा गया। इसके जवाब में इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज ने क्या कहा, आइए आपको बताते हैं।
सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड तोड़ने वाले सवाल पर जो रूट ने क्या कहा?
Athletic को दिए इंटरव्यू में जो रूट ने कहा कि यह सवाल मुझसे अब तक इतनी बार पूछा गया है कि मैं चाह करके भी इसे नजरअंदाज नहीं कर सकता। उन्होंने आगे कहा कि सचिन तेंदुलकर ने खेल में जो हासिल किया, वह कमाल का है। आपको मेरी बात पर यकीन करना होगा जब मैं कहता हूं कि उनके साथ बातचीत में शामिल होना ही मेरे लिए काफी है ऐसा सच में है। उन्होंने मेरे जन्म से पहले टेस्ट में डेब्यू किया था और मेरे टेस्ट डेब्यू में खेला था। उनका लंबे समय तक खेलना अपने आप में कमाल का है और फिर आप टेस्ट क्रिकेट में उनके बनाए रन देखें, उनके शतक देखें, यह अपने आप में काफी कमाल का है।
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मैं हमेशा अपने खेल में सुधार करने की कोशिश करता हूं- जो रूट
रूट ने कहा कि सभी लोग ये सोच रहे हैं कि मेरा फोकस इस वक्त सचिन के रिकॉर्ड पर है। लेकिन ऐसा नहीं है, मैं हमेशा अपने खेल में सुधार करने पर ध्यान देता हूं। रूट ने कहा कि मैं हमेशा इवॉल्व होने की कोशिश करता हूं, अपनी बैटिंग में कुछ नया जोड़ने की कोशिश करता हूं। मेरी कोशिश यही रहती है कि मैं जितना हो सके उतना कॉम्पैक्ट और टेक्निकली साउंड महसूस करूं ताकि जब असली गेम हों तो मैं उसे अपने गेम में ला सकूं और जो मेरे सामने है उसे खेल सकूं, न कि किसी और चीज की चिंता करूं। यह बहुत आसान लगता है लेकिन जब मैं क्रीज पर होता हूं, तो मैं बस गेम खेलना चाहता हूं।
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