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आखिर ये Melodi इतनी चॉकलेटी क्यों है? Melody खाओ खुद जान जाओ!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोम में अपनी बैठक के दौरान अपनी इतालवी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी को एक विशेष “मेलोडी” उपहार भेंट किया, जिसने दोनों नेताओं के बीच की दोस्ती और हल्के-फुल्के पलों को और बढ़ा दिया। इटली की प्रधानमंत्री ने अपने एक्स हैंडल पर यह वीडियो साझा करते हुए ‘मेलोडी टॉफ़ी’ के लिए पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने वीडियो के कैप्शन में लिखा, उपहार के लिए धन्यवाद। 12 सेकंड के इस वीडियो में दोनों नेता मेलोडी टॉफ़ी का एक पैकेट हाथ में लिए हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में मेलोनी को यह कहते सुना जा सकता है, प्रधानमंत्री मोदी उपहार के रूप में एक बहुत, बहुत अच्छी टॉफ़ी लेकर आए हैं- मेलोडी। इसके बाद दोनों नेता खुलकर हंस पड़े।

मेलोडी टॉफ़ी कौन सी कंपनी बनाती है?

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लोकप्रिय ‘मेलोडी’ टॉफ़ी का निर्माण देश की जानी-मानी कंपनी पारले प्रोडक्ट्स  करती है। भारत की आज़ादी से पहले स्थापित हुई यह कंपनी देश के स्वदेशी आंदोलन का एक अहम हिस्सा रही है। आज यह दुनिया भर में सबसे ज़्यादा बिस्कुट और टॉफ़ी बेचने वाले दिग्गजों में शुमार है। हालांकि पारले प्रोडक्ट्स शेयर बाज़ार में लिस्टेड नहीं है, फिर भी एक अनुमान के अनुसार इसका कुल वैल्यूएशन करीब 8 से 10 अरब डॉलर (लगभग 80,000 से 90,000 करोड़ रुपये) के बीच आंका गया है।

कौन हैं इस कंपनी के मालिक?

साल 1929 में शुरू हुई इस ऐतिहासिक कंपनी की कमान आज भी चौहान परिवार के हाथों में है। वर्तमान में पारले प्रोडक्ट्स का मालिकाना हक विजय चौहान और उनके परिवार के पास है। इस साम्राज्य की नींव मोहनलाल दयाल चौहान ने 1929 में मुंबई के विले पार्ले इलाके से रखी थी। समय के साथ हुए पारिवारिक बंटवारे के बाद, पारले ग्रुप के अलग-अलग ब्रांड्स को परिवार के अन्य सदस्य संभाल रहे हैं: पारले एग्रो: लोकप्रिय ड्रिंक्स ‘फ्रूटी’ और ‘ऐपी’  बनाने वाली इस कंपनी को प्रकाश चौहान और उनकी बेटियां—शौना, अलीशा और नादिया चौहान चलाती हैं। बिसलेरी इंटरनेशनल पानी के इस दिग्गज ब्रांड की कमान रमेश चौहान के हाथों में है। 

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मेलोनी ने पीएम मोदी के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया

इससे पहले, मेलोनी ने पीएम मोदी को रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया और भारत-इटली संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित औपचारिक वार्ता से पहले उन्हें प्रतिष्ठित कोलोसियम के दौरे पर ले गया। प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को अपने 15 से 20 मई तक चलने वाले पांच देशों के दौरे के अंतिम चरण के लिए इटली पहुंचे। इससे पहले वे संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे का दौरा कर चुके थे। कोलोसियम रोम के केंद्र में स्थित एक अंडाकार एम्फीथिएटर है। यह अब तक निर्मित सबसे बड़ा प्राचीन एम्फीथिएटर है। 

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प्रधानमंत्री मोदी की इटली यात्रा

भारत-इटली संबंधों में आई तेज़ी के बीच प्रधानमंत्री मोदी की इटली यात्रा हो रही है। दोनों देश संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहे हैं, जो कई क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक व्यापक ढांचा है। इनमें व्यापार (जो 2025 में 16.77 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया), निवेश (अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 तक कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 3.66 अरब अमेरिकी डॉलर), रक्षा और सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, और जन-समुदायों के बीच आदान-प्रदान शामिल हैं। इससे पहले, प्रधानमंत्री अपनी पांच देशों की यात्रा के चौथे चरण के लिए नॉर्वे में थे और ओस्लो यात्रा से पहले वे स्वीडन, नीदरलैंड और संयुक्त अरब अमीरात में थे।
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