5 अगस्त से भारत की सुरक्षा में बैठी शेख हसीना ने अब एक ऐसा खेल कर दिया है जिसने बता दें कि इस वक्त बांग्लादेश समेत कई देशों को हिला कर रख दिया है। शेख हसीना ने बांग्लादेश में एक ऐसा बम फोड़ा जिसने ऐसा धमाका किया है कि ढाका में इस वक्त खतरनाक हलचल मच गई है। हिंदुओं पर हमला करने वाले कट्टरपंथी इस वक्त घबराए हुए हैं और तारीख रहमान भी सोच में पड़ गए हैं। लेकिन सवाल यह है कि भारत में बैठकर शेख हसीना ने ऐसा क्या किया कि यूनुस के पैरों के नीचे से इस वक्त जमीन खिसक गई है। दरअसल आपको बता दें कि यह सारे कयास और दावे इसलिए सामने आ रहे हैं क्योंकि बांग्लादेश की अपदस्त प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत में बैठकर ऐसा सियासी संदेश दिया है जिसने ढाका की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। जिस शेख हसीना को सत्ता से हटाने के बाद राजनीतिक तौर पर खत्म मान लिया गया था। उन्होंने अब यह साफ कह दिया है कि उनकी गैर मौजूदगी को चुप्पी ना समझा जाए क्योंकि वह बहुत जल्द बांग्लादेश में लौटने वाली है।
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एक ईमेल इंटरव्यू में शेख हसीना ने यह दावा किया है कि वह लगातार लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी वापसी किसी तारीख पर नहीं बल्कि बांग्लादेश में लोकतांत्रिक माहौल और उसी के साथ-साथ अभिव्यक्ति की आजादी और राजनीतिक अधिकारों की बहाली पर निर्भर करेगी। वहीं आपको यह भी साफ बता दें कि इन सब बातों से यह साफ है कि शेख हसीना खुद को सिर्फ एक नेता नहीं बल्कि लोकतंत्र बनाम कट्टर पंथ की लड़ाई का एक चेहरा बनाकर बांग्लादेश में खुद को पेश करना चाह रही है। सबसे बड़ा धमाका तब हुआ जब हसीना ने यह कहा कि उन पर 19 बार जानलेवा हमले हो चुके हैं। लेकिन वो हर बार बच गए। उन्होंने आगे यह भी कहा कि अब तक अल्लाह ने मुझे जिंदा रखा है। मैं बहुत जल्द बांग्लादेश की धरती पर लौटूंगी। अब बता दें कि इस बयान के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं इस वक्त क्योंकि बांग्लादेश में सत्ता बदल चुकी है। अंतरिम सरकार के बाद अब नई राजनीतिक व्यवस्था आकर यहां पर तैयार हो चुकी है। लेकिन इसके बावजूद आवामी लीग पर कारवाही जारी है। पार्टी नेताओं की गिरफ्तारी हो रही है और समर्थकों पर हमले के आरोप भी लगातार सामने आ रहे हैं और लगातार यह आरोप लगे जा रहे हैं।
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शेख हसीना ने यह दावा किया है कि आवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ खामोश राजनीतिक नरसंहार चलाया गया। शेख हसीना के मुताबिक सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है। डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों को झूठे मामलों में फंसा दिया गया है और हिंदुओं समेत आवामी लीग समर्थकों के घरों और कारोबारों को निशाना बनाया गया। वहीं आपको यह भी बता दें कि हसीना ने यह साफ कहा है कि आवामी लीग को किसी बैन से खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा है कि यह जनता की पार्टी है और अगर आवामी लीग ना होती तो बांग्लादेश का जन्म भी नहीं होता। यानी शेख हसीना अब सीधा संदेश दे रही है कि बांग्लादेश की जमीन पर उनकी राजनीतिक पकड़ अभी खत्म नहीं हुई है और यही वजह है कि उनके एक इंटरव्यू ने ढाका में इस वक्त खतरनाक हलचल और बेचैनी को बढ़ा दिया है। हसीना ने अपने बयान में कट्टर पंत का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने अपने इंटरव्यू में यह साफ कहा है कि बांग्लादेश एक बार फिर उसी खतरनाक दौर की तरफ बढ़ सकता है जब कट्टरपंथी ताकतें मजबूत हो रही थी और आतंकियों का प्रभाव बांग्लादेश में बढ़ रहा था। यानी वह खुद को एक ऐसे नेता के तौर पर पेश कर रही है जो कट्टरपंथ और भारत विरोधी राजनीति के खिलाफ खड़ी है।
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बता दें कि भारत बांग्लादेश रिश्तों पर भी हसीना ने एक बहुत बड़ा बयान दिया है। उन्होंने यह साफ कहा है कि भारत सिर्फ पड़ोसी देश नहीं बल्कि बांग्लादेश की आजादी का साथी रहा है। लेकिन कुछ राजनीतिक और कट्टरपंथी समूह हमेशा भारत विरोधी माहौल बनाकर राजनीति करते हैं जो सरासर गलत है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शेख हसीना की वापसी की तैयारी शुरू हो चुकी है? क्या बांग्लादेश में फिर से एक बड़ा राजनीतिक संघर्ष होने वाला है? क्या आवामी लीग एक बार फिर सत्ता की लड़ाई में उतरने जा रही है? आपको यह बता दें कि बांग्लादेश में सन्नाटा परसरा हुआ है। लेकिन इस सन्नाटे के पीछे एक बड़ा तूफान तैयार हो रहा है और उस तूफान का नाम है शेख हसीना।
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