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सिगरेट पीने वालों को झटका.. 70 रुपये वाली डिब्बी 85 की हुई, दाम बढ़ते ही 20% घटी बिक्री

बजट में सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के बाद सिगरेट कंपनियों ने जिस तेजी से कीमतें बढ़ाईं, उसका सीधा असर अब बाजार के आंकड़ों में दिखने लगा है. अप्रैल-मई के महीनों में आईटीसी (ITC) और गॉडफ्रे फिलिप्स जैसी दिग्गज सिगरेट कंपनियों की बिक्री में करीब 20 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है. उपभोक्ता के लिए सिगरेट का कश अब पहले से कहीं ज्यादा महंगा हो गया है. इसी बढ़ती महंगाई के चलते लोग अपने ब्रांड बदल रहे हैं, जिससे इन एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों के राजस्व पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है.

Khabar Monkey

सिगरेट पीने वालों को झटका.. 70 रुपये वाली डिब्बी 85 की हुई, दाम बढ़ते ही 20% घटी बिक्री
सिगरेट पीने वालों को झटका.. 70 रुपये वाली डिब्बी 85 की हुई, दाम बढ़ते ही 20% घटी बिक्री

पॉकेट पैक से लेकर किंग साइज तक बढ़े दाम

सिगरेट के शौकीनों की जेब अब पहले से काफी ज्यादा कट रही है. ब्रोकरेज फर्म बीएंडके सिक्योरिटीज (B&K Securities) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियों ने चुनिंदा पॉकेट पैक ब्रांड्स की कीमतों में सीधे तौर पर इजाफा किया है. गॉडफ्रे फिलिप्स ने अपने ‘पॉकेट मार्लबोरो’ (Pocket Marlboro) के दाम 70 रुपये से बढ़ाकर सीधे 85 रुपये कर दिए हैं. वहीं, आईटीसी ने ‘गोल्ड फ्लेक सुपरस्टार’ (Gold Flake Superstar) की कीमत 70 रुपये से बढ़ाकर 79 रुपये कर दी है. कंपनियों की कुल बिक्री में इन उत्पादों की हिस्सेदारी लगभग 8 से 12 प्रतिशत तक होती है.

बिक्री में भारी गिरावट का असली कारण

बाजार में आई यह सुस्ती दरअसल 1 फरवरी, 2026 को सरकार द्वारा लागू किए गए एक बड़े फैसले का नतीजा है. सरकार ने सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी में 30-40 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी कर दी थी. इस अतिरिक्त टैक्स के बोझ को कंपनियों ने ग्राहकों की तरफ पास कर दिया. एनडीटीवी प्रॉफिट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में सिगरेट की बिक्री में लगभग 20 प्रतिशत की कमी आई है. सबसे तगड़ा झटका ‘प्रीमियम किंग-साइज’ कैटेगरी को लगा है, जहां बिक्री का ग्राफ सबसे तेजी से नीचे गिरा है.

सस्ते विकल्पों की तरफ मुड़ रहे ग्राहक

किंग-साइज सिगरेट, जिसमें आईटीसी का ‘क्लासिक’ (Classic) या ‘गोल्ड फ्लेक किंग्स’ (Gold Flake Kings) और गॉडफ्रे फिलिप्स का ‘मार्लबोरो’ (Marlboro) शामिल है, अब प्रति सिगरेट काफी महंगी हो चुकी है. पहले जो एक सिगरेट 20 रुपये के आसपास मिल जाती थी, अब उसके लिए ग्राहकों को 25 से 28 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं. डीलर्स के मुताबिक, सिगरेट पीने वालों की कुल संख्या में कोई खास कमी नहीं आई है, लेकिन लोग अब अपना खर्च नियंत्रित करने के लिए महंगे ब्रांड्स छोड़कर सस्ते विकल्पों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं. इन कंपनियों के कुल रेवेन्यू में इस किंग-साइज सेगमेंट का 30 प्रतिशत से अधिक का योगदान होता है, इसलिए यह शिफ्ट कंपनियों के लिए बड़ी चिंता का विषय है.

कंपनियों के मुनाफे पर मंडराता खतरा

बिक्री में इस मंदी का सीधा असर इन एफएमसीजी दिग्गजों की बैलेंस शीट पर पड़ने वाला है. सेक्टर पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में सिगरेट मार्जिन में 800 बेसिस पॉइंट्स तक की बड़ी गिरावट आ सकती है. हालांकि यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि वॉल्यूम में कितनी कमी आती है और ग्राहक किस हद तक सस्ते ब्रांड्स की तरफ जाते हैं. ध्यान देने वाली बात यह है कि आईटीसी का सिगरेट मार्जिन आमतौर पर 70 प्रतिशत तक ऊंचा रहता है. बाजार की इस उठापटक के बावजूद शेयर बाजार में इन कंपनियों के शेयरों में स्थिरता देखने को मिली. आज एनएसई पर गॉडफ्रे फिलिप्स का शेयर 49.10 रुपये (2.12%) चढ़कर 2,364.00 रुपये पर, जबकि आईटीसी का शेयर 1.20 रुपये (0.39%) की मामूली बढ़त के साथ 311.35 रुपये पर कारोबार करता दिखा.

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