फिल्मी दुनिया में ऐसे कई स्टार हैं, जिन्होंने अच्छी-खासी नौकरी को ठोकर मारकर एक्टिंग जगत का रुख कर लिया है। किसी ने इंजीनियरिंग तो किसी ने डॉक्टर की डिग्री हासिल करने के बाद मनोरंजन जगत का रुख कर लिया और आज अपना सपना पूरा करने में जुटे हैं। ऐसे ही एक्टर हैं अमोल पराशर, जिन्होंने आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद इंजीनियरिंग में अपना करियर छोड़कर एक्टिंग का रुख कर लिया। अमोल ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद नौकरी भी की, लेकिन इंजीनियरिंग करते हुए ही उन्हें एक्टिंग का चस्का लग चुका था। जिसके बाद उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए नौकरी छोड़कर एक्टिंग की दुनिया में एंट्री कर ली।

पेरेंट्स नहीं चाहते थे एक्टर बने बेटा
अमोल ने ‘साहित्य आज तक 2025’ में बातचीत के दौरान बताया था कि जब उन्होंने पहली बार अपने पेरेंट्स को अपने एक्टर बनने के फैसले के बारे में बताया तो वह काफी डर गए थे। अमोल ने इस बारे में बात करते हुए कहा था- ‘मैंने जब अपने पेरेंट्स को बताया कि मैं एक्टर बनना चाहता हूं तो वह काफी डर गए थे। मैंने उन्हें फोन पर ही उन्हें बताया था। मुझे लगा, गुस्सा होंगे तो फोन ही काटेंगे ना। लेकिन, उन्हें इस बात की चिंता थी कि वो ऐसा क्यों कर रहा है? उसके दिमाग में ये विचार डाले किसने? इसे किसने बिगाड़ दिया। मेरे पेरेंट्स मुंबई का सुनकर ही डर जाते थे कि वहां कैसे सर्वाइव करेगा। फिर मैंने उन्हें समझाया कि उनका बेटा सब संभाल लेगा।’
रणबीर कपूर की फिल्म से शुरू किया करियर
अमोल पराशर ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत रणवीर कपूर की फिल्म ‘रॉकेट सिंह’ से की थी, जो 2007 में रिलीज हुई थी। इसके बाद वह ‘बबलू हैप्पी है’ और ‘ट्रैफिक’ जैसी फिल्मों में नजर आए। लेकिन, ओटीटी की दस्तक के बाद उनके भी दिन फिर गए। 2016 में आई सीरीज ‘ट्रिपलिंग’ में चितवन का किरदार निभाकर वह मशहूर हो गए। उनका किरदार दर्शकों के दिल में बस गया। इस सीरीज को आईएमडीबी पर 8.5 रेटिंग मिली है।
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इन फिल्मों में किया काम
अमोल पराशर ने ‘रॉकेट सिंह’ और ‘ट्रिपलिंग’ के अलावा ‘सरदार उधम’, ’36 फार्महाउस’, ‘ग्राम चिकित्सालय’, ‘स्वीट ड्रीम्स’ और ‘क्रैश’ जैसी फिल्मों और सीरीज में काम किया है, जिन्हें दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला।
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