एक बार फिर से आम लोगों को झटका लगा है. दो दिनों के बाद एक बार फिर से सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है. रिपोर्ट के अनुसार देश की राजधानी दिल्ली में सीएनजी की कीमतों में 1 रुपए की बढ़ोतरी की गई है. जबकि 15 मई को सीएनजी के दाम में 2 रुपए का इजाफा किया गया था. इसका मतलब है कि देश की राजधानी दिल्ली में सीएनजी के दाम 80 रुपए प्रति किलो को पार कर गए हैं. जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में ऑटो रिक्शा और सीएनजी बेस्ड टैक्सियों के किराए में इजाफा देखने को मिल सकता है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर सीएनजी की कीमतों में किस तरह की खबर सामने आई है.
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CNG rates have been increased by Re 1 from today. In Delhi, per KG CNG will cost Rs 80.09. In Noida-Ghaziabad, per KG CNG will cost Rs 88.70. This is the second increase in prices in 2 Days. Earlier on 15th May, CNG prices were increased to Rs 2/KG.
— ANI (@ANI) May 17, 2026
जब 2 रुपए का हुआ था इजाफा
इससे पहले देश की राजधानी दिल्ली में सीएनजी के दाम में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला था. 15 मई को सीएनजी की कीमतों में 2 रुपए की बढ़ोतरी देखने को मिली थी. अब 1 रुपए का इजाफा और कर दिया गया है. इसका मतलब है कि तीन दिनों में दिल्ली में सीएनजी के दाम में 3 रुपए प्रति किलोग्राम का इजाफा देखने को मिलद चुका है. जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में सीएनजी के दाम में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकता है. उसका कारण बताते हुए जानकारों का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में नेचुरल गैस के दाम में इजाफा देखने को मिला है. जिसका असर सीएनजी की कीमतों में देखने को मिल रहा है.
पेट्रोल और डीजल के दाम में हुई थी बढ़ोतरी
15 मई को पेट्रोल और डीजल के दाम में भी इजाफा देखने को मिला था. तब पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमत में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी देखने को मिली थी. जिसके बाद देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल और डीजल के दाम क्रमश: 97.77 रुपए और 90.67 रुपए प्रति लीटर हो गए. वास्तव में जब से ईरान वॉर शुरू हुआ है, तब से कच्चचे तेल के दाम में 50 फीसदी से ज्यादा का इजाफा देखने को मिल चुका है. बीते 23 कारोबारी दिनों में कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा बने हुए हैं. उसके बाद डॉलर के मुकाबले में रुपए में बड़ी गिरावट देखने को मिल चुकी है. ईरान वॉर शुरू होने के बाद से डॉलर के मुकाबले में रुपए में 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी जा चुकी है. जिसकी वजह से भी महंगाई का संकट मंडराने लगा है.





