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ट्रंप से नफरत अब ‘मानसिक बीमारी’! इसका इलाज- प्रेसिडेंट पर भरोसा रखें और राष्ट्रगान सुनें, वायरल हुआ अनोखा प्रिस्क्रिप्शन

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस इवेंट में ट्रंप डिरेंजमेंट सिंड्रोम की बात की और कहा कि यह सच में एक बीमारी है और यह मेरे लिए एक सम्मान है। इसके बाद वाइट हाउस ने ट्रंप डिरेंजमेंट सिंड्रोम’ से पीड़ित लोगों के लिए इलाज की सूची शेयर की है। इसमें ट्रंप में भरोसा रखना, राष्ट्रगान सुनना और अन्य शामिल हैं। बात यहीं नहीं रुकी, इसके जवाब में एक डॉक्टर के पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) की तस्वीर शेयर की गई और लिखा गया कि इसे उसे भेजें जिसे इसकी जरूरत है। इस अनोखे पर्चे में बीमारी के इलाज के तौर पर ट्रंप पर भरोसा रखने, राष्ट्रगान सुनने, झूठी खबरों से बचने और न घबराने की सलाह दी गई थी। देखते ही देखते यह पोस्ट इंटरनेट पर छा गई और लोग मज़े लेते हुए इस ‘प्रिस्क्रिप्शन’ को अपने-अपने मज़ाकिया अंदाज़ में बदलकर शेयर करने लगे।

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देखते ही देखते वायरल हो गया पोस्ट

इस पोस्ट पर कई टिप्पणियां आईं। एक एक्स यूजर ने लिखा कि ये फालतू मीम्स बनाना बंद करो और काम पर लग जाओ। पेट्रोल की कीमत 5 डॉलर है, किराने का सामान खरीदना विलासिता है और घरेलू खर्चे बेतहाशा बढ़ गए हैं। जब ये सरकार क्लिक्स के लिए चुटकुले पोस्ट कर रही है, तब अमेरिकी जनता मुसीबतों में डूब रही है। सर्वेक्षण झूठ नहीं बोलते – अमेरिकी जाग रहे हैं। नवंबर में उन्हें हकीकत का सामना करना पड़ेगा।” एक अन्य यूजर ने कहा, “हमारे शानदार राष्ट्रपति ट्रंप एक चलते-फिरते कॉमेडी शो की तरह हैं। डेमोक्रेट और उदारवादी ये समझ ही नहीं पा रहे कि वो असल में कितने मजाकिया हैं। एक तीसरे व्यक्ति ने लिखा कि रोगी की जानकारी वाले अनुभाग में निदान क्यों होगा? आप ठीक से मीम भी नहीं बना सकते।” एक चौथे व्यक्ति ने कहा, “हम एपस्टीन की फाइलें देखना चाहते हैं, और ट्रंप अपने अतीत को छुपाने के लिए यह बेवकूफी भरा नुस्खा भेज रहे हैं। धन्यवाद नहीं। 

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आखिर यह ‘ट्रंप डिरेंजमेंट सिंड्रोम’ है क्या? 

असल में यह कोई असली बीमारी नहीं है, बल्कि ट्रंप का समर्थन करने वाले मीडिया द्वारा गढ़ा गया एक शब्द है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि साल 2025 में मिनेसोटा के रिपब्लिकन नेताओं ने एक नया बिल लाकर इस ‘सिंड्रोम’ को सच में एक मानसिक बीमारी घोषित करने की कोशिश की थी, जिस पर काफी विवाद भी हुआ। इस बिल में टीडीएस (TDS) को परिभाषित करते हुए कहा गया था कि जब कोई सामान्य इंसान डोनाल्ड ट्रंप या उनकी नीतियों को देखकर अचानक बहुत ज्यादा घबराने लगे या शक (पैरानोइया) करने लगे, तो वह इसका शिकार है। इसके लक्षणों में ट्रंप के खिलाफ बहुत ज्यादा गुस्सा जताना, उन्हें बुरा-भला कहना और ट्रंप समर्थकों के खिलाफ आक्रामक व्यवहार करना शामिल बताया गया था।
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