Vish Yog: कुंडली के किसी भी भाव में जब शनि और चंद्रमा की युति होती है तो विष योग का निर्माण होता है। 12 मई की शाम को जब चंद्रमा कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में गोचर करेंगे तो मीन राशि में शनि-चंद्रमा की युति होगी, क्योंकि शनि पहले से ही मीन राशि में विराजमान हैं। शनि-चंद्रमा की युति होने से कुछ राशियों को जीवन में संघर्ष और पेरशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इन राशियों को 14 मई तक जोखिम उठाने से बचना होगा और सेहत का भी ख्याल रखना होगा। आइए जानते हैं इन राशियों के बारे में।

कर्क राशि
चंद्रमा आपकी राशि के स्वामी हैं ऐसे में शनि के साथ चंद्रमा की युति आपके लिए अच्छी नहीं कही जा सकती है। विष योग के दौरान आपको किस्मत के सहारे नहीं बैठना चाहिए और मेहनत करके आगे बढ़ने की कोशिश करनी चाहिए। कुछ लोग मानसिक तनाव का सामना कर सकते हैं वहीं खांसी जुकाम जैसी स्वास्थ्य समस्याएं भी आपको हो सकती हैं। अपना ख्याल रखें और उपाय के तौर पर शिव भगवान की पूजा करें लाभ मिलेगा।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों को 14 मई तक बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। वाहन चलाने से आपको बचना चाहिए और चलाना जरूरी हो तो बहुत सतर्कता आपको बरतनी होगी। कुछ लोगों की पुरानी बीमारी फिर से सामने आ सकती है और परेशानियों का सामना आपको करना पड़ सकता है। धन से जुड़े मामलों को लेकर भी सतर्कता बरतने की आपको आवश्यकता होगी। उपाय के तौर जरूरतमंदों की यथासंभव मदद करें।
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तुला राशि
विष योग के बनने से आप पर आलस्य हावी हो सकता है और आप जरूरी कार्यों को भी टाल सकते हैं। कुछ लोगों को उदर या गले से संबंधित स्वास्थ्य समस्याएं भी इस दौरान हो सकती हैं। अपना ख्याल रखें और तकलीफ ज्यादा लगे तो चिकित्सक से सलाह लें। पारिवारिक जीवन में वाद-विवाद की स्थिति से बचेंगे तो आपके लिए अच्छा रहेगा। उपाय के तौर पर आपको मां पार्वती की आराधना करनी चाहिए।
मीन राशि
विष योग आपकी ही राशि में बनेगा इसलिए सबसे अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता आपको ही होगी। कुछ लोगों को जोड़ों में दर्द की समस्या हो सकती है वहीं नींद की कमी के कारण भी कुछ लोग परेशान हो सकते हैं। सेहत को लेकर लापरवाही आपको नहीं बरतनी चाहिए नहीं तो बड़ी परेशानी जीवन में आ सकती है। घर के लोगों के साथ किसी बात को बहस होने की भी आशंका है। उपाय के तौर पर शिवलिंग पर जल आपको अर्पित करना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)





