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कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब हर साल होगा मुफ्त फुल बॉडी चेकअप

New Labour Codes : भारत सरकार के नए लेबर कोड्स (New Labour Codes) अब जमीन पर उतरने लगे हैं. इसी कड़ी में श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया 7 मई 2026 को देश भर के कर्मचारियों के लिए ‘सालाना स्वास्थ्य जांच पहल’ लॉन्च करने जा रहे हैं. इसका सीधा मतलब है कि अब कामगारों को अपनी सेहत का हाल जानने के लिए जेब से पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं होगी.

कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब हर साल होगा मुफ्त फुल बॉडी चेकअप
कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब हर साल होगा मुफ्त फुल बॉडी चेकअप

कहां और कैसे होगी शुरुआत ?
इस योजना का मुख्य कार्यक्रम दिल्ली के ESIC मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (बसईदारापुर) में होगा. इसके साथ ही देश के 11 अन्य बड़े ESIC अस्पतालों में भी स्थानीय मंत्रियों और सांसदों की मौजूदगी में यह अभियान शुरू किया जाएगा.

किसे मिलेगा फायदा ?
नए नियमों के अनुसार, स्वास्थ्य सुरक्षा को अब मजदूरों का हक बना दिया गया है:

40+ उम्र वालों के लिए तोहफा: अगर आपकी उम्र 40 साल या उससे ज्यादा है, तो आप हर साल मुफ्त हेल्थ चेकअप करा सकेंगे.
खतरनाक काम करने वालों को विशेष छूट: जो मजदूर रसायनों (Chemicals), जहरीले पदार्थों या भारी मशीनों के बीच काम करते हैं, उनकी जांच उम्र की सीमा के बिना (चाहे उम्र कुछ भी हो) अनिवार्य रूप से की जाएगी.

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बीमारियों की पहले पहचान: इस पहल का मकसद है कि कैंसर, डायबिटीज या फेफड़ों की बीमारियों का शुरुआती दौर में ही पता चल सके ताकि वक्त रहते इलाज हो जाए.
डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड: हर मजदूर की सेहत का हिसाब-किताब (Records) व्यवस्थित तरीके से रखा जाएगा ताकि भविष्य में इलाज में आसानी हो.

सिर्फ कागजों पर नहीं, अब काम में भी
प्रधानमंत्री मोदी के ‘श्रमेव जयते’ विजन के तहत लाए गए ये नए कानून 29 पुराने पेचीदा कानूनों को खत्म कर बनाए गए हैं. इनका लक्ष्य सिर्फ कंपनियों के लिए काम आसान करना नहीं, बल्कि मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा देना भी है. खास बात यह है कि सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 के तहत अब पहली बार असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, गिग वर्कर्स (जैसे डिलीवरी बॉय) और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी ईएसआई (ESIC) के फायदों के दायरे में लाया जा रहा है.

क्यों जरूरी है यह कदम ?
अक्सर मजदूर वर्ग अपनी छोटी-मोटी तकलीफों को नजरअंदाज कर देता है, जो बाद में बड़ी बीमारी बन जाती हैं. इस मुफ्त जांच अभियान से न केवल मजदूरों की उम्र लंबी होगी, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को भी मजबूती मिलेगी क्योंकि एक स्वस्थ मजदूर ही एक मजबूत देश की नींव रखता है.

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