ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पिछले 24 घंटे में तीन देशों के दौरे पर हैं. सबसे पहले अराघची रविवार को पाकिस्तान पहुंचे. वह तीन दिन में दूसरी बार इस्लामाबाद गए और वहां पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात की. इससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अन्य बड़े अधिकारियों से भी बात की थी.

रिपोर्ट के मुताबिक, अराघची ने पाकिस्तान में एक रेड लाइन दस्तावेज सौंपा, जिसमें ईरान की साफ शर्तें बताई गईं. इसमें परमाणु मुद्दे और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर को लेकर प्रस्ताव था. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने समस्या सुलझाने के लिए एक काम करने लायक प्लान दिया है. हालांकि ये सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या अमेरिका सच में बातचीत करना चाहता है.
Good discussion on the Strait of Hormuz with Irans Foreign Minister Dr. Araghchi. As litoral states, we recognize our shared responsibility to the international community and the urgent humanitarian need to free the seafarers held for far too long. Much diplomacy is required and pic.twitter.com/0aTRBvqQd3
— Badr Albusaidi – بدر البوسعيدي (@badralbusaidi) April 26, 2026
ओमान में होर्मुज की सुरक्षा पर बात
इसके बाद अराघची ओमान गए. वहां उन्होंने सुल्तान हैथम बिन तारिक से मुलाकात की. इस बैठक में होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और क्षेत्र के हालात पर बात हुई. अराघची ने कहा कि होर्मुज से जुड़े देशों को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह रास्ता सुरक्षित रहे, क्योंकि इससे पूरी दुनिया को फायदा होता है. 3 हफ्ते पहले आइ CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान-ओमान के साथ मिलकर होर्मुज में एक टोल बूथ बनाने वाला है. होर्मुज का एक छोर ओमान में है. को डर है कि अमेरिका, ओमान में बेस बना सकता है, इसलिए वह टोल का पैसा ओमान के साथ शेयर करना चाहता है.
Iran’s FM Araghchi TOUCHES DOWN in Saint Petersburg ahead of talks with President Vladimir Putin pic.twitter.com/seWWqqCEmg
— RT (@RT_com) April 27, 2026
रूस में पुतिन से होगी मुलाकात
इसके बाद अराघची सोमवार को रूस पहुंचे हैं. यहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से होगी है. इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, पश्चिमी देशों के प्रतिबंध और होर्मुज संकट जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. अराघची की यह दौड़-भाग ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिका के साथ बातचीत में रुकावट आई हुई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले अपने प्रतिनिधियों स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया था, क्योंकि बातचीत आगे नहीं बढ़ रही थी. हालांकि बाद में पाकिस्तान के कहने पर उन्होंने युद्धविराम को कुछ समय के लिए बढ़ाने की बात मानी.
जल्दी समाधान चाहता है ईरान
होर्मुज स्ट्रेट अभी भी बंद है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने साफ कहा है कि इस पर नियंत्रण रखना उनकी रणनीति का हिस्सा है. दूसरी तरफ अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नाकाबंदी कर रखी है. दोनों देशों के बीच शांति वार्ता बंद है. अराघची के लगातार दौरे यह दिखाते हैं कि ईरान जल्दी समाधान चाहता है और अलग-अलग देशों से बात करके कोई रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है.





