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आतंकी हाफिज सईद के करीबी यूसुफ अफरीदी का खात्मा, कश्मीर में हमलों की प्लानिंग में रहता था अहम रोल

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (KPK) में अज्ञात बंदूकधारियों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सबसे प्रभावशाली कमांडरों में से एक शेख यूसुफ अफरीदी की हत्या कर दी. अफरीदी न केवल एक आतंकी था, बल्कि वह वैचारिक और रणनीतिक स्तर पर संगठन की रीढ़ माना जाता था. शेख यूसुफ अफरीदी खैबर क्षेत्र के जखा खेल कबीले का रहने वाला था, जो पश्तूनों की प्रसिद्ध ‘अफरीदी’ शाखा से ताल्लुक रखता था. वो इस्लाम की सबसे कट्टर मानी जाने वाली अहले-हदीस (सलाफी) विचारधारा का अनुयायी और एक मौलाना था. उसकी कबायली पृष्ठभूमि और सलाफी विचारधारा के कारण वह लश्कर सुप्रीमो हाफिज मोहम्मद सईद का अत्यंत भरोसेमंद और संगठन के लिए एक ‘आदर्श चेहरा’ बन गया था.

आतंकी हाफिज सईद के करीबी यूसुफ अफरीदी का खात्मा, कश्मीर में हमलों की प्लानिंग में रहता था अहम रोल
आतंकी हाफिज सईद के करीबी यूसुफ अफरीदी का खात्मा, कश्मीर में हमलों की प्लानिंग में रहता था अहम रोल

अफरीदी लश्कर-ए-तैयबा में प्रांतीय स्तर का सबसे बड़ा अधिकारी था. वह खैबर पख्तूनख्वा में संगठन के ब्रांच हेड के रूप में कार्यरत था. खुफिया एजेंसियों के अनुसार, उसके मुख्य कार्य निम्नलिखित थे-

  1. पूरे क्षेत्र में लश्कर के नेटवर्क को संभालना और जिहादियों के बीच तालमेल बिठाना.
  2. स्थानीय मदरसों और मस्जिदों के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाना और उन्हें ट्रेनिंग देकर जम्मू-कश्मीर में हमलों के लिए भेजना.
  3. उसे ISIS की ओर से लड़ाकों की भर्ती में भी सक्रिय पाया गया था.

जम्मू-कश्मीर हमलों में बड़ी भूमिका

भारत के खिलाफ हमलों की प्लानिंग में अफरीदी का हाथ बेहद अहम माना जाता था. जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ सालों में हुए कई आतंकी हमलों के पीछे उसी का दिमाग और नेटवर्क काम कर रहा था. वह अपने कबीलाई संपर्कों का इस्तेमाल कर घुसपैठ के रास्तों और रसद को सुगम बनाता था.

2026 आतंकी नेतृत्व के लिए ‘काल’ का वर्ष

शेख यूसुफ अफरीदी की हत्या इस साल की कोई इकलौती घटना नहीं है. साल 2026 की शुरुआत से अब तक, लश्कर और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे समूहों के 30 से ज्यादा टॉप पदाधिकारी मारे जा चुके हैं. ये हत्याएं लाहौर, कराची, पंजाब, सिंध और बलूचिस्तान जैसे इलाकों में लगातार हो रही हैं.

पाकिस्तानी अधिकारियों की इस पर रहस्यमयी चुप्पी है. विशेषज्ञ इसे आंतरिक गुटीय जंग (Infighting), प्रतिद्वंद्वी आतंकी गुटों की रंजिश या किसी गुप्त ऑपरेशन (Secret Operations) का परिणाम मान रहे हैं. हाफिज सईद के करीबी सर्कल के लिए यह दूसरा बड़ा झटका है। अफरीदी की मौत से खैबर पख्तूनख्वा में लश्कर का ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है, जिससे आने वाले समय में सीमा पार आतंकी गतिविधियों में कमी आने की संभावना जताई जा रही है.

khabarmonkey@gmail.com

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