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ईरान जंग में एक भी गोली नहीं चलाई, फिर भी चीन को मिले ये 5 बड़े फायदे

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध में चीन ने सीधे हिस्सा नहीं लिया, लेकिन फिर भी उसे कई बड़े फायदे मिले. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस दौरान चुपचाप हालात को देखा और अमेरिका की व्यस्तता का फायदा उठाया. बिना एक भी गोली चलाए चीन ने अपनी ताकत कई क्षेत्रों में बढ़ा ली. आइए उसके 5 बड़े फायदों के बारे में जानते हैं…

ईरान जंग में एक भी गोली नहीं चलाई, फिर भी चीन को मिले ये 5 बड़े फायदे
ईरान जंग में एक भी गोली नहीं चलाई, फिर भी चीन को मिले ये 5 बड़े फायदे

1. अमेरिका की सैन्य जानकारी मिली

सबसे बड़ा फायदा चीन को सैन्य जानकारी के रूप में मिला. इस युद्ध में अमेरिका ने अपने कई आधुनिक हथियार इस्तेमाल किए, जैसे JASSM-ER मिसाइल, टॉमहॉक, पैट्रियट और THAAD सिस्टम. इससे अमेरिका के हथियारों का बड़ा स्टॉक कम हो गया. वहीं चीन ने इस पूरे युद्ध को ध्यान से देखा और समझा कि अमेरिका कैसे लड़ता है, AI का इस्तेमाल कैसे करता है और कैसे सस्ते ड्रोन महंगे डिफेंस सिस्टम को कमजोर कर सकते हैं. यह जानकारी चीन के लिए बहुत अहम है. इसका इस्तेमाल वह ताइवान तनाव के दौरान कर सकता है.

2. ऊर्जा के क्षेत्र में फायदा

होर्मुज स्ट्रेट में तनाव की वजह से तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ा. ऐसे में दुनिया के कई देश अब रिन्यूएबल एनर्जी की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. चीन पहले से ही सोलर, विंड, बैटरी और इलेक्ट्रिक व्हीकल की सप्लाई चेन में 70% से ज्यादा हिस्सेदारी रखता है. चीन लगभग 85% तक अपनी ऊर्जा जरूरतें खुद पूरी कर लेता है और उसके पास तेल का अच्छा भंडार भी है. इसलिए इस संकट के दौरान भी उसकी स्थिति मजबूत बनी रही. चीन के कुल एनर्जी कंजम्पशन का 20% से ज्यादा हिस्सा रिन्यूएबल और न्यूक्लियर एनर्जी से पूरा होता है.

3. कूटनीतिक छवि बेहतर हुई

जहां अमेरिका लगातार आक्रामक बयान दे रहा था, वहीं चीन शांत तरीके से पाकिस्तान के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा था. इससे कई देशों को लगा कि चीन ज्यादा भरोसेमंद और स्थिर ताकत है. वहीं अमेरिका के सहयोगी देशों को यह भी महसूस हुआ कि संकट के समय अमेरिका हमेशा साथ नहीं दे सकता.

4. AI और टेक्नोलॉजी में बढ़त

मिडिल ईस्ट में चल रहे AI प्रोजेक्ट्स पर युद्ध का असर पड़ा, जिससे पश्चिमी कंपनियों का निवेश जोखिम में आ गया. ऐसे में चीन को आगे बढ़ने का मौका मिला क्योंकि उसके पास पहले से ही मजबूत AI इंफ्रास्ट्रक्चर है और वह बिना बाहरी मदद के भी आगे बढ़ सकता है. चीन के पास पहले से ही दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी AI कंप्यूटिंग क्षमता है.

5. रेयर अर्थ मिनरल्स में फायदा

ये खास खनिज आधुनिक हथियारों और टेक्नोलॉजी में बहुत जरूरी होते हैं. चीन दुनिया के करीब 70% रेयर अर्थ माइनिंग और 90% प्रोसेसिंग को कंट्रोल करता है. अमेरिका ने इस युद्ध में जितने ज्यादा हथियार इस्तेमाल किए, उतनी ही उसकी चीन पर निर्भरता बढ़ती गई.

हालांकि चीन के लिए कुछ खतरे भी हैं. अगर होर्मुज स्ट्रेट में लंबे समय तक संकट चलता है, तो यूरोप और एशिया में सामान की मांग कम हो सकती है, जिससे चीन के निर्यात पर असर पड़ेगा. फिर भी इस पूरे युद्ध में सबसे ज्यादा फायदा चीन को मिला, जिसने कोई गोली नहीं चलाई.

khabarmonkey@gmail.com

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