पानी शरीर के तापमान को कंट्रोल करने के साथ ही हमारे शरीर में न्यूट्रिएंट्स और ऑक्सीजन को कोशिकाओं तक पहुंचाने का काम करता है. इसके अलावा हमारे जोड़ों को लुब्रिकेट करने, पाचन को दुरुस्त बनाए रखने से लेकर शरीर से विषाक्त पदार्थों यानी टॉक्सिन्स को बाहर निकालने के लिए भी पानी की आवश्यकता होती है. यह बहुत जरूरी है कि पर्याप्त मात्रा में शरीर में तरल बना रहे, लेकिन इसका ये मतलब नहीं होता है कि आप बहुत सारा पानी पिएं. पानी को पीने के तरीके पर भी निर्भर करता है कि आपको फायदा होगा या फिर नुकसान.

गर्मियों में तो लोग खासतौर पर सलाह देते हैं कि पानी पीते रहना चाहिए, लेकिन असल में जितनी जरूरत हो सिर्फ उतना ही पानी पीना सही रहता है. किसी का कहना होता है कि घूंट-घूंट करके पानी पीना सही है तो कुछ लोग एक ही बार में ढेर सारा पानी पी लेते हैं. जान लें कि कौन सा तरीका सही है.
क्या कहते हैं सद्गुरु?
सद्गुरु कहते हैं कि आज के टाइम में आप देखेंगे हर कोई बोतल लेकर चल रहा है और बीच-बीच में पानी पीता रहता है. दरअसल ये मार्केटिंग का ही असर है. वह कहते हैं कि पानी का सेवन सही मात्रा में करना चाहिए, लेकिन बार-बार पानी के छोटे-छोटे घूंट नहीं पीने चाहिए. इससे नुकसान होता है और दिमाग में सूजन आ सकती है.
क्यों न पिएं थोड़ा-थोड़ा पानी?
सद्गुरु द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, आप अगर लगातार दिनभर में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहते हैं तो शरीर भ्रमित हो सकता है और इससे वह जरूरत से ज्यादा पानी सोखने लगेगा. जब आप थोड़ा-थोड़ा करके लगातार पानी पीते ही रहते हैं तो इससे सोडियम का बैलेंस बिगड़ जाता है. इस वजह से सेहत को नुकसान होता है.
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एक साथ पानी पीना
सद्गुरू कहते हैं कि जब आप एक ही बार में पानी पी लेते हैं तो ये आपका शरीर तय करता है कि कितना होल्ड करना है और कितना बाहर निकाल देना है. वह कहते हैं कि जब भी प्यास लगे तो आप पानी पिएं ताकि पानी की कमी न हो. यानी असल में जब शरीर को पानी की जरूरत हो तभी आपको पानी पीना चाहिए.
ये पहलू भी रखें ध्यान
सद्गुरु कहते हैं कि सेहतमंद रहने के लिए एक जरूरी पहलू ये भी है कि हाइड्रेट रहने के लिए सिर्फ पानी पीना ही काफी नहीं होता है, बल्कि आपको अपने खाने में ऐसे फूड्स को जगह देनी चाहिए जिनमें पानी की मात्रा ज्यादा हो. इसलिए अलग-अलग तरह के फल और सब्जियां खाते रहें.
यहां समझें निष्कर्ष
दरअसल यहां पर बात हो रही है कि जब आपको प्यास लगे तो आप जरूरत के मुताबिक, प्यास बुझने तक पानी पिएं. इसे आप घूंट-घूंट करके एक साथ पी सकते हैं. कई बार लोग एक घूंट पानी पीने के बाद कुछ देर बाद बना प्यास के भी फिर से 1 या 2 घूंट पानी पी लेते हैं. यही नुकसानदायक है.
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क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
सीनियर डाइटिशियन गीतिका चोपड़ा भी कहती हैं कि दिनभर में 2.5 लीटर या फिर 8 गिलास पानी पीने की थ्योरी एक तरह से महज भ्रम ही है. वह कहती हैं कि शरीर को कितने पानी की जरूरत है ये हर इंसान के हिसाब से अलग मात्रा होती है. इसमें बॉडी वेट से लेकर हाइट और जेंडर भी मेटर करता है. आप अगर जरूरत से ज्यादा पानी पीते हैं तो इसमें ब्लोटिंग, अफारा जैसी समस्याएं हो सकती हैं. पानी के अलावा डाइट में टमाटर, खीरा, ककड़ी, संतरा, जैसे फल सब्जियां शामिल करें ताकि पानी की कमी पूरी होती रहे.





