मौसम में बदलाव के कारण पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान करने लगती हैं। खासतौर से इस मौसम में पेट दर्द की शिकायत लोगों को काफी ज्यादा होती है। पेट दर्द के कई कारण हो सकते हैं लेकिन आयुर्वेद में पेट दर्द को शरीर में मौजूद वात दोष असंतुलित होने के कारण माना जाता है। वात दोष बढ़ने से पाचन क्रिया कमजोर हो जाती है और पेट में सुई या कील चुभोने जैसा दर्द होने लगता है। पेट दर्द वात दोष के असंतुलित होने से होता है, लेकिन वात दोष शरीर में दो अन्य दोष पित्त और कफ को दूषित कर देता है। ऐसे में पेट में जलन, किडनी में दर्द होना, ज्यादा प्यास लगना, उल्टी आना, पेट में रुक-रुक कर दर्द होना ये सारे लक्षण पित्त और कफ दोष के असंतुलित होने के कारण पैदा होते हैं। आइये आचार्य बालकृष्ण से जानते हैं पेट दर्द होने पर क्या उपाय करें?

पेट दर्द होने पर क्या खाएं
पेट दर्द होने पर आपको हल्का खाना जैसे मूंग की दाल, खिचड़ी, दलिया, छाछ, पपीता, अनार का जूस का सेवन करना चाहिए। ऐसे में दूध, चाय और कॉफी से बचें। छाछ में भुनी अजवाइन को पीसकर आधा छोटा चम्मच मिलाकर पीने से राहत मिलती है। खाने में खट्टी चीजें जैसे अचार और नींबू का सेवन करने से बचें। अगर पेट दर्द के साथ उल्टी भी हो रही है तो 5-6 घंटे कुछ न खाएं। इसके बाद चावल का पानी, मूंग की दाल का पानी लेना चाहिए। ये आसानी से पच जाएगा। पेट दर्द होने पर रोटी, अरहर की दाल, पालक की सब्जी, बेसन से बनी चीजें, खीरा, ककडी खाने से बचें।
पेट दर्द के लिए घरेलू उपाय
काला नमक- पेट दर्द होने पर काला नमक, सौंठ, हींग, यवक्षार, अजवाइन को बराबर मात्रा में लें और इन्हें पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को 2-2 ग्राम सुबह-शाम नाश्ते और रात के खाने के बाद गुनगुने पानी से लें इससे पेट दर्द, पेट की गुड़गुड़ाहट और पेट की ऐंठन दूर होगी।
अजवाइन- पेट दर्द हो रहा हो या पेट में गैस की समस्या से मरोड़ जैसी हो रही हो तो इसके लिए अजवाइन का चूर्ण खाना फायदेमंद होता है। 1-2 ग्राम अजवाइन, 1 ग्राम सौंठ को मिलाकर पीस लें। इसे गुनगुने पानी के साथ खाली पेट या नाश्ते के बाद खा लें। इस चूर्ण से पेट दर्द में आराम मिलेगा और भूख भी लगेगी।
पुदीना- पेट दर्द को दूर करने के लिए पुदीने का इस्तेमाल अच्छा है। इसके लिए 2 चम्मच पुदीना का रस निकालें और इसे 2 चम्मच शहद, 2 चम्मच नींबू का रस और पानी के साथ मिलाकर पी जाएं। इससे दर्द में काफी राहत मिल जाएगी।
लहसुन- पेट में दर्द होने पर लहसुन का रस इस्तेमाल करना अच्छा माना जाता है। इसके लिए 1 छोटा चम्मच लहसुन का रस और 3 छोटे चम्मच नॉर्मल पानी मिलाकर रोजाना इस्तेमाल करें। करीब 1 हफ्ते तक लहसुन का रस इस तरह पीने से पेट दर्द में आराम मिलेगा। लहसुन का रस रोज सुबह या शाम खाने के बाद पीना चाहिए।
रसपीपरी- अगर बच्चे को पेट दर्द है तो इसके लिए रसपीपरी का इस्तेमाल करें। दवा को चूर्ण या 1-2 गोली को शहद में मिलाकर पी लें। आप इसे जायफल के साथ पीसकर भी खा सकते हैं। इससे कुछ ही देर में बच्चों को पेट दर्द में आराम मिल जाएगा। रसपीपरी उल्टी, गैस, बुखार में भी फायदेमंद है।





