दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. इस कार्रवाई में पुलिस ने एक अहम आरोपी को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपी का नाम हर्ष पाल सिंह उर्फ रुबल है, जो गाजियाबाद के इंदिरापुरम का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक वह कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा के नेटवर्क का करीबी सहयोगी है.

दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच की टीम ने इस ऑपरेशन को तेजी से अंजाम देते हुए आरोपी के पास से एक इटली निर्मित सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल बेरेटा और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. इस पूरे मामले में अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और 24 विदेशी हथियार व 216 कारतूस जब्त किए जा चुके हैं.
दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के सपोर्ट से चल रहा था. इस गैंग का मुख्य काम विदेश से हथियार मंगवाकर भारत में सप्लाई करना और साथ ही बड़े कारोबारियों से फिरौती वसूलना था. हर्ष पाल सिंह इस नेटवर्क में एक बिचौलिया की भूमिका निभाता था. वह उन लोगों से संपर्क करता था जिन्हें गैंग की तरफ से धमकी भरे कॉल आते थे. फिर खुद को सेटलमेंट कराने वाला बताकर पैसों की डील फाइनल कराता था ताकि गैंग के बड़े सरगनाओं का नाम सामने न आए.
पुलिस के मुताबिक साल 2023 में दुबई में हर्ष पाल की मुलाकात गैंग के सदस्य राशिद उर्फ केबल से हुई थी. इसके बाद वह कई बार बैंकॉक भी गया. जहां गैंग के अन्य लोगों से संपर्क बनाए. जांच में यह भी सामने आया है कि दुबई इस तरह के अपराधियों के लिए नेटवर्किंग का बड़ा अड्डा बनता जा रहा है.
हर्ष पाल ऑनलाइन सट्टेबाजी (गैंबलिंग) के धंधे से भी जुड़ा हुआ था. ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए रुबल अपराध जगत के लोगों और विदेश में बैठे गैंग हैंडलर्स से संपर्क बनाता था. यह प्लेटफॉर्म उसके लिए कमाई का जरिया भी था और नेटवर्क बढ़ाने का माध्यम भी था.
पूछताछ में मोनू सरदार नाम के एक और शख्स का खुलासा हुआ है, जो इस नेटवर्क का अहम हिस्सा बताया जा रहा है. फिलहाल वह दुबई में बैठकर सट्टेबाजी और हथियारों की सप्लाई का काम संभाल रहा है. पुलिस का कहना है कि उसके तार देश विरोधी तत्वों और खालिस्तानी विचारधारा से जुड़े लोगों से भी जुड़े हो सकते हैं. हर्ष पाल सिंह पहले भी हत्या और MCOCA जैसे गंभीर मामलों में गिरफ्तार हो चुका है. साल 2024 में एक मर्डर केस में उसका नाम सामने आया था और अभी भी कुछ मामलों में जांच जारी है.





