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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर थोड़ी सी लापरवाही और कट सकता है 20 हजार चालान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को उत्तराखंड का दौरा कियाऔर करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। कुल 213 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बनने से दिल्ली और देहरादून के बीच का सफर अब करीब ढाई घंटे का रह जाएगा। छह लेन वाले इस एक्सप्रेसवे में 10 ‘इंटरचेंज’, तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), चार प्रमुख पुल और सड़क किनारे 12 जन सुविधाओं का निर्माण किया गया है।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर थोड़ी सी लापरवाही और कट सकता है 20 हजार चालान
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर थोड़ी सी लापरवाही और कट सकता है 20 हजार चालान

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। नियम तोड़ने वालों पर 20 हजार रुपये तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है। दिल्ली के गीता कॉलोनी और बागपत के बीच एलिवेटेड हिस्से पर बाइक, ऑटो-रिक्शा, ट्रैक्टर चलाने की इजाजत नहीं है। यह एलिवेटेड गीता कॉलोनी से शुरू होता है, शास्त्री पार्क, न्यू उस्मानपुर, खजूरी चौक, लोनी बॉर्डर और मंडोला से गुज़रते हुए बागपत तक पहुंचता है। अब इस 26 किलोमीटर लंबे हिस्से पर सिर्फ़ तेज़ रफ़्तार वाले वाहनों को ही चलने की अनुमति होगी। अधिकारियों ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे को तेज़ रफ़्तार वाले ट्रैफिक के लिए डिज़ाइन किया गया है। धीमी गति वाले वाहन ट्रैफिक में रुकावट डाल सकते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है।

वाहन चालक एक्सप्रेसवे पर एंट्री और एग्जिट प्वाइंट से ही आ और जा सकेंगे। बीच रास्ते में गाड़ी रोकना, मोड़ना या गलत दिशा में वाहन चलाने पर प्रतिबंधित है। निर्धारित स्पीड लिमिट का पालन करना होगा। अगर वाहन राजाजी नेशनल पार्क से गुजरेगा तो हॉर्न बजाने पर भी रोक रहेगी।

बता दें कि केंद्रीय सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस एक्सप्रेसवे को बनाए जाने की घोषणा फरवरी 2021 में की थी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस एक्सप्रेसवे को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस आर्थिक गलियारे से प्रदेश में रोजगार, पर्यटन और व्यापार को बहुत बढ़ावा मिलेगा।

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