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तरबूज खाने में 99 प्रतिशत लोग करते हैं ये गलती, जानें इस फल के बारे में क्या कहता है आयुर्वेद

गर्मियों में पेट को ठंडा रखने और हाइड्रेट रहने के लिए डाइट में मौसमी फलों को शामिल करना चाहिए. इस मौसम में आम, लीची, खरबूज, आड़ू, आलूबुखारा, जैसे फल आते हैं. इनमें तरबूज एक ऐसा फल है, जिसमें तकरीबन 91 प्रतिशत पानी पाया जाता है. यही वजह है कि ये फल शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए अच्छा माना जाता है. इसमें कई पोषक तत्वों के अलावा नेचुरल शुगर होती है जो तुरंत एनर्जी देने का काम करती है, लेकिन इस फल को खाने में अगर कुछ गलतियां की गई तो फायदे की बजाय सेहत को नुकसान भी हो सकता है.

तरबूज खाने में 99 प्रतिशत लोग करते हैं ये गलती, जानें इस फल के बारे में क्या कहता है आयुर्वेद
तरबूज खाने में 99 प्रतिशत लोग करते हैं ये गलती, जानें इस फल के बारे में क्या कहता है आयुर्वेद

योगाचार्य उमंग त्यागी (इन्हें कई सेलिब्रिटी भी फॉलो करते हैं) हेल्दी रहने के लिए अक्सर कई बातें बताते रहते हैं. उन्होंने बताया है कि तरबूज खाने में लोग कौन सी गलती करते हैं और इस फल को खाने का सही तरीका क्या है. उन्होंने तरबूज के फायदे के साथ ही इसके सेवन के 3 रूल शेयर किए हैं.

खाली पेट तरबूज खाना

पाचन को नुकसान

तरबूज गुरु और शीत यानी भारी और ठंडा है. खाली पेट इसे खाने से जठराग्नि बुझ जाती है, जिसे पाचन कमजोर होता है. इससे आमदोष (यानी बिना पचे खाने से शरीर में बनने वाले अपशिष्ट/टॉक्सिन) बनता है, जिससे भारीपन, सुस्ती, थकान महसूस होना जैसी समस्याएं होती हैं.

बढ़ सकता है ब्लड शुगर

जब आप खाली पेट तरबूज खाते हैं तो इससे आपका ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है. मॉर्डन साइंस के मुताबिक भी तरबूज का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 72 से 76 तक हो सकता है, इसलिए ये खासतौर पर डायबिटिक लोगों को सीमित मात्रा में खाना चाहिए और ये लोग इसे खाली पेट बिल्कुल न खाएं.यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर के मुताबिक 100 ग्राम तरबूज में 1.21 ग्राम सुक्रोज, 1.58 ग्राम ग्लूकोज और 3.36 ग्राम फ्रुक्टोज होता है. इसे जोड़ा जाए तो ये नेचुरल शुगर टोटल 6.15 ग्राम बैठती है.

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99% लोग करते हैं ये गलती

तरबूज को खाने में लोग अक्सर ये गलती करते हैं कि अप्रैल में ही हल्की गर्मी पड़ने के बाद वो इसे खाने लगते हैं. आयुर्वेद के मुताबिक, तरबूज ग्रीष्म ऋतु यानी गर्मी के सीजन का फल है, इसलिए मई का आधा महीना जब निकल जाए तो उसके बाद ही इसे खाना चाहिए. दरअसल मार्च और अप्रैल में मार्केट में जो तरबूज आता है वो मौसम से पहले का फल है और इस समय आपका शरीर इसे पचाने के लिए रेडी नहीं होता है.

किस तरह खाएं तरबूज?

तरबूज गर्मी में शरीर को ठंडा रखने वाला फल है और साथ ही ये पित्त को भी शांत करने में सहायक है. इसे आयुर्वेद में गर्मी के दिनों में अमृत से कम नहीं माना गया है. इसके तीन नियम हैं पहला कि तरबूज को मई के आधे महीने के बाद खाएं. दूसरा नियम है इसे 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच में खाएं. तरबूज को खाने का तीसरा नियम है कि इसे अकेला ही खाना चाहिए, यानी इसे दूध, दही या किसी भारी खाने के साथ इसे न लें.

ठंडा तरबूज खाना

तरबूज मार्केट से लाने के बाद अगर आप भी फ्रिज में रख देते हैं और इसे ठंडा करके खाते हैं तो इससे सेहत को नुकसान हो सकता है. सीनियर डाइटिशियन गीतिका चोपड़ा का कहना है, इससे डाइजेशन बिगड़ सकता है, गले में खराश और जुकाम-खांसी हो सकती है और बॉडी टेम्परेचर भी डिस्टर्ब होता है. तरबूज को खरीदकर लाने के बाद इसे नॉर्मल टेम्परेचर वाले पानी में डुबोकर कम से कम 30 मिनट से 1 घंटे के लिए रखना चाहिए और फिर इसके बाद खाएं.

khabarmonkey@gmail.com

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