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देश के लिए खुशखबरी! ईरान बोला- प्रतिबंध हटे तो फिर बनेंगे भारत के लिए बड़े तेल सप्लायर​

नई दिल्ली: यूएसईरान डील के बीच भारत के लिए अच्छी खबर सामने आई है। ईरान ने भारत को फिर से कच्चे तेल की आपूर्ति शुरू करने के संकेत दिए हैं। भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतह अली ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटते हैं और हालात सामान्य होते हैं, तो ईरान एक […]

नई दिल्ली: यूएसईरान डील के बीच भारत के लिए अच्छी खबर सामने आई है। ईरान ने भारत को फिर से कच्चे तेल की आपूर्ति शुरू करने के संकेत दिए हैं। भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतह अली ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटते हैं और हालात सामान्य होते हैं, तो ईरान एक बार फिर भारत के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की क्षमता ईरान के पास पूरी तरह मौजूद है।

‘भारत को चाहिए सस्ता और भरोसेमंद ऊर्जा स्रोत’
डॉ. फतह अली ने कहा कि भारत जैसी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को भरोसेमंद, स्थिर और किफायती ऊर्जा आपूर्ति की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास विशाल तेल और गैस संसाधन हैं, जो भारत की ऊर्जा जरूरतों को लंबे समय तक पूरा कर सकते हैं। उनके अनुसार, यदि प्रतिबंध हटते हैं तो दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग फिर से मजबूत हो सकता है।

ईरान दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादकों में शामिल
ईरानी राजदूत ने कहा कि ईरान दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक और निर्यातक देशों में से एक है। उन्होंने कहा कि ईरान की नीति हमेशा से रही है कि वह अपने ऊर्जा संसाधन उन सभी देशों को उपलब्ध कराए जो उन्हें खरीदना चाहते हैं। उन्होंने दोहराया कि भारत पहले भी ईरान का एक प्रमुख तेल ग्राहक रहा है और दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग का लंबा और सफल इतिहास रहा है।

भारतईरान के बीच फिर बढ़ सकता है व्यापार
डॉ. फतहअली ने उम्मीद जताई कि प्रतिबंध पूरी तरह हटने के बाद केवल तेल निर्यात ही नहीं, बल्कि भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय व्यापार और संयुक्त निवेश भी तेजी से बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के आर्थिक संबंध अपनी पिछली ऊंचाइयों को पार कर सकते हैं और वास्तविक क्षमता के अनुरूप नए स्तर तक पहुंच सकते हैं।

ऊर्जा सहयोग से दोनों देशों को होगा फायदा
ईरानी राजदूत के अनुसार, भारत और ईरान के बीच ऊर्जा साझेदारी दोनों देशों के लिए लाभदायक साबित होगी। भारत को सस्ती और स्थिर ऊर्जा मिलेगी, जबकि ईरान को अपने सबसे बड़े उपभोक्ता बाजारों में से एक तक दोबारा पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं केवल तेल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि निवेश और अन्य आर्थिक क्षेत्रों में भी काफी अवसर मौजूद हैं।

प्रतिबंध हटने का इंतजार
डॉ. मोहम्मद फतह अली ने कहा कि फिलहाल सबसे बड़ी बाधा ईरान पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हैं। उनका मानना है कि जैसे ही ये प्रतिबंध पूरी तरह समाप्त होंगे और सामान्य परिस्थितियां बहाल होंगी, भारत और ईरान के बीच तेल व्यापार फिर से शुरू हो जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में दोनों देशों के संबंध पहले से अधिक मजबूत होंगे और ऊर्जा क्षेत्र में नई साझेदारियां विकसित होंगी।

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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