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पेट्रोल कार खरीदने से क्यों बच रहे हैं लोग? अक्टूबर की सेल्स में CNG और इलेक्ट्रिक गाड़ियों ने मारी बाजी​

भारत के ऑटोमोबाइल मार्केट में अक्टूबर के दौरान गाड़ियों की बिक्री में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में देशभर में कुल रिटेल ऑटो सेल्स सालाना आधार पर 23.8 फीसदी कम होकर 31.72 लाख यूनिट से ज्यादा रही इस दौरान सबसे ज्यादा असर टूव्हीलर और […]

भारत के ऑटोमोबाइल मार्केट में अक्टूबर के दौरान गाड़ियों की बिक्री में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में देशभर में कुल रिटेल ऑटो सेल्स सालाना आधार पर 23.8 फीसदी कम होकर 31.72 लाख यूनिट से ज्यादा रही इस दौरान सबसे ज्यादा असर टूव्हीलर और पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री पर देखने को मिला. हालांकि, इस गिरावट के पीछे गाड़ियों की मांग कम होना ही एकमात्र वजह नहीं है. त्योहारों की तारीखों में बदलाव ने भी बिक्री के आंकड़ों को प्रभावित किया है.

दरअसल, पिछले साल अक्टूबर में नवरात्रि और दिवाली दोनों त्योहार एक ही महीने में थे. वहीं, इस साल नवरात्रि अक्टूबर में रही, जबकि धनतेरस और दिवाली नवंबर में पड़ रही हैं. ऐसे में कई ग्राहकों ने गाड़ी खरीदने का फैसला नवंबर तक टाल दिया. इसके अलावा, 22 सितंबर 2025 को GST 2.0 की दरों में कटौती के बाद पिछले साल बाजार में खरीदारी बढ़ी थी. इसी वजह से इस बार अक्टूबर के आंकड़ों में गिरावट ज्यादा नजर आ रही है.

टूव्हीलर और कारों की बिक्री में कितनी कमी आई?

के मुताबिक, अक्टूबर में टूव्हीलर की रिटेल बिक्री 28.35 फीसदी घटकर 23.21 लाख यूनिट रह गई. वहीं, पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री में 4.23 फीसदी की गिरावट आई और यह 5.08 लाख यूनिट पर पहुंच गई.

FADA के प्रेसिडेंट साई गिरिधर का कहना है कि अक्टूबर आमतौर पर साल का सबसे बड़ा रिटेल महीना होता है, लेकिन इस बार बिक्री के आंकड़ों को त्योहारों की तारीखों को ध्यान में रखकर समझना जरूरी है. उनके मुताबिक, सालाना गिरावट का बड़ा हिस्सा कैलेंडर में बदलाव की वजह से है.

ग्रामीण इलाकों में ज्यादा गिरी दोपहिया की बिक्री

अक्टूबर में दोपहिया वाहनों की बिक्री में ग्रामीण और शहरी, दोनों इलाकों में कमी आई. ग्रामीण क्षेत्रों में रिटेल सेल्स 33.97 फीसदी नीचे रही, जबकि शहरी इलाकों में 20.77 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.

दूसरी तरफ, के लिए महीना अच्छा रहा. इनकी सेल करीब 3.55 लाख यूनिट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. पिछले साल के मुकाबले इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री में 11.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि तब यह आंकड़ा करीब 6 फीसदी था.

पेट्रोल कारों से आगे निकलीं CNG और इलेक्ट्रिक गाड़ियां

अक्टूबर के बिक्री आंकड़ों में एक दिलचस्प बदलाव भी देखने को मिला. CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 41.83 फीसदी रही, जबकि पेट्रोल गाड़ियों की हिस्सेदारी 41.6 फीसदी दर्ज की गई. यानी वैकल्पिक ईंधन वाली गाड़ियों ने पेट्रोल मॉडल को मामूली अंतर से पीछे छोड़ दिया.

कमर्शियल गाड़ियों की बिक्री 2.29 फीसदी बढ़कर 1.15 लाख यूनिट रही. थ्रीव्हीलर की बिक्री 3.97 फीसदी बढ़कर 1.41 लाख यूनिट और ट्रैक्टर की बिक्री 3.10 फीसदी बढ़कर 79,285 यूनिट पर पहुंच गई.

नवंबर में सेल बढ़ने की उम्मीद

डीलरों को उम्मीद है कि नवंबर में ऑटो बाजार की रफ्तार फिर बढ़ सकती है. इसकी बड़ी वजह धनतेरस और दिवाली है. इस साल धनतेरस 6 नवंबर और दिवाली 8 नवंबर को है. FADA के मुताबिक, फेस्टिव सीजन में गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन का रुझान अब तक अच्छा रहा है.

वहीं, दिसंबर और जनवरी में बिक्री का हाल साल के आखिर में मिलने वाले डिस्काउंट, नए मॉडल्स की लॉन्चिंग और ग्राहकों की पसंद वाले वेरिएंट्स की उपलब्धता पर निर्भर करेगा.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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