Cancer Medicine Prices Reduced: कैंसर के इलाज का खर्च कम करने की दिशा में केंद्र सरकार ने अहम कदम उठाया है।

नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी ने कैंसररोधी दवाओं के 543 ब्रांड्स की संशोधित अधिकतम खुदरा कीमत जारी की है। जिसमें कैंसर की दवाओं के दाम करीब 90 फीसदी तक घटे हैं।
नई दरें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी। इससे संबंधित दवाओं का इस्तेमाल करने वाले मरीजों को इलाज के खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्यूटिकल्स विभाग के अंतर्गत आने वाली NPPA ने 28 अक्टूबर को यह जानकारी साझा की।
The National Pharmaceutical Pricing Authority has released a list of brands of anticancer medicines with their revised Maximum Retail Price . The revised price list reflects the information submitted by companies up to October 27, 2026. pic.twitter.com/YgFvaowMwQ
— ANI October 28, 2026
दवाओं की कीमतों की लिस्ट होती रहेगी अपडेट
जारी सूची में 27 अक्टूबर 2026 तक दवा कंपनियों से प्राप्त कीमतों का विवरण शामिल है। प्राधिकरण के मुताबिक, जिन कंपनियों की संशोधित कीमतों की जानकारी बाद में मिलेगी, उनके ब्रांड्स को भी सूची में जोड़ा जाएगा। यानी यह सूची समयसमय पर अपडेट होती रहेगी।
कई दवाओं की कीमतों में भारी कमी
संशोधित दरों में कई कैंसररोधी दवाओं की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
उदाहरण के तौर पर, RPG लाइफ साइंसेज की एनास्ट्रोजोल टैबलेट के ANARZOLE ब्रांड की कीमत पहले 695.76 रुपये थी, जिसे घटाकर 73 रुपये कर दिया गया है।
इसी तरह, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज की एज़ासिटिडाइन इंजेक्शन की कीमत 6,337 रुपये से घटाकर 1,495.04 रुपये की गई है।
एबॉट हेल्थकेयर के बेवासिज़ुमैब इंजेक्शन की MRP 21,767.70 रुपये से कम होकर 5,930.13 रुपये हो गई है।
इसके अलावा, डासाटिनिब, डेनोसुमैब, एन्ज़ालुटामाइड, एर्लोटिनिब, फ्लुडाराबाइन और फुलवेस्ट्रांट जैसी दवाओं के कुछ ब्रांड्स की संशोधित कीमतें भी जारी की गई हैं।
137 कैंसररोधी दवाओं के पहले भी घटे थे दाम
NPPA ने 12 दिन पहले 17 अक्टूबर 2026 को 137 गैरअनुसूचित कैंसररोधी दवाओं के लिए ट्रेड मार्जिन रैशनलाइजेशन की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य दवाओं की बिक्री में अत्यधिक व्यापारिक मार्जिन को नियंत्रित करना और कैंसर के इलाज को अधिक किफायती बनाना है।
इस सूची में इम्यूनोथेरेपी की दवाएं भी शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल 20 से अधिक प्रकार के कैंसर के उपचार में किया जाता है। इसके अलावा, डेनोसुमैब, पेगफिल्ग्रास्टिम और बेवासिज़ुमैब जैसी दवाएं भी इस पहल के दायरे में आती हैं।