Winter Health Tips:मौसम बदलते ही कई लोगों को छींक, नाक बहने, गले में खराश और खांसी की परेशानी होने लगती है। सर्दियों में तापमान में बदलाव और वायरस के संपर्क में आने से सर्दीजुकाम हो सकता है। ऐसे में रोजमर्रा की कुछ आदतों का ध्यान रखकर बीमार पड़ने का खतरा कम किया जा सकता है।

हाथों की सफाई का रखें ध्यान
सर्दीजुकाम फैलाने वाले वायरस हाथों के जरिए नाक, आंख और मुंह तक पहुंच सकते हैं। इसलिए बाहर से आने के बाद, खाना खाने से पहले और छींकने या खांसने के बाद साबुन से हाथ धोएं। बिना हाथ साफ किए बारबार चेहरे को छूने से बचें। संक्रमण से बचाव के लिए यह छोटीसी आदत काफी उपयोगी है।
ठंड में पानी पीना न करें कम
सर्दियों में प्यास कम लग सकती है, लेकिन शरीर को पानी की जरूरत बनी रहती है। दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। गुनगुना पानी या गर्म सूप भी ले सकते हैं। इससे शरीर में पानी की कमी से बचने में मदद मिलती है। हालांकि, पानी पीने से सर्दीजुकाम का इलाज नहीं होता, लेकिन यह शरीर को सामान्य रूप से काम करने में मदद करता है।
खानपान और नींद पर दें ध्यान
सर्दियों में फल, हरी सब्जियां, दालें और प्रोटीन वाली चीजें अपने खाने में शामिल करें। संतुलित भोजन शरीर को जरूरी पोषक तत्व देता है। इसके साथ रोज पर्याप्त नींद लें। नींद की कमी शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। केवल किसी एक फल या घरेलू नुस्खे से सर्दीजुकाम से बचने की गारंटी नहीं मिलती।
खांसतेछींकते समय बरतें सावधानी
अगर घर या ऑफिस में किसी को सर्दीजुकाम है, तो उसके बहुत करीब रहने से बचें। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को टिश्यू या कोहनी से ढकें। बंद जगहों में हवा आनेजाने का इंतजाम रखें। बीमार होने पर दूसरों के करीब जाने से बचें और जरूरत पड़ने पर मास्क पहनें। ये सावधानियां संक्रमण फैलने का खतरा कम कर सकती हैं।
लक्षण बढ़ें तो डॉक्टर को दिखाएं
सर्दीजुकाम होने पर आराम करें और पर्याप्त तरल पदार्थ लें। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक न लें, क्योंकि सामान्य सर्दीजुकाम अक्सर वायरस के कारण होता है और एंटीबायोटिक वायरस पर काम नहीं करते। अगर सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, तेज बुखार या हालत बिगड़ने लगे, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। लक्षण लंबे समय तक बने रहने पर भी डॉक्टर से सलाह लें।
ध्यान रखें:सर्दियों में हाथों की सफाई, पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन और संक्रमण से बचाव की आदतें अपनाना जरूरी है। ये उपाय सर्दीजुकाम का खतरा कम कर सकते हैं, लेकिन इससे पूरी तरह बचने की गारंटी नहीं देते।