: रिपोर्ट : आलोक राय, दिवाली के मौके पर उत्तर प्रदेश को दोहरी राहत मिलने की उम्मीद है। एक ओर त्योहारों के दौरान गांव से लेकर शहरों तक 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है, वहीं दूसरी ओर नवंबर में आने वाले बिजली बिल में करीब 9% तक की कटौती हो सकती है। हालांकि, छूट की अंतिम दर पावर कॉरपोरेशन की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

नवंबर के बिजली बिल में मिल सकती है राहत
ईंधन एवं बिजली खरीद लागत समायोजन के तहत ईंधन अधिभार शुल्क यानी फ्यूल सरचार्ज में कमी के चलते उपभोक्ताओं को बिल में राहत मिलने की संभावना है। इसका फायदा प्रदेश के करीब 3.82 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को मिल सकता है। पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन इस संबंध में जल्द आदेश जारी कर सकता है। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का अनुमान है कि नवंबर में बिजली बिल में करीब 9% तक की कमी हो सकती है। अगर ऐसा होता है, तो यह हाल के महीनों में उपभोक्ताओं को मिलने वाली सबसे बड़ी राहत होगी। हालांकि, वास्तविक छूट कितनी होगी, इसकी पुष्टि आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही होगी।
लगातार पांचवें महीने राहत की उम्मीद
जून में बिजली बिल ) पर 10% तक अतिरिक्त ईंधन अधिभार लगाए जाने के बाद विद्युत नियामक आयोग ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया था। इसके बाद से उपभोक्ताओं को लगातार राहत मिलने का सिलसिला जारी है।
पिछले कुछ महीनों में बिजली बिल में मिली राहत का आंकड़ा इस प्रकार है:
जुलाई: 4.43% की राहत
अगस्त: 2.92% की राहत
सितंबर: 7.93% की राहत
अक्टूबर: 5.24% की राहत
नवंबर: करीब 9% तक राहत मिलने की संभावना
इस तरह नवंबर में भी राहत मिलती है, तो यह लगातार पांचवां महीना होगा, जब उपभोक्ताओं को बिजली बिल में कमी का फायदा मिलेगा।
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गांवों में भी बढ़ी बिजली आपूर्ति
बिल में संभावित कटौती के साथ बिजली आपूर्ति के मोर्चे पर भी उपभोक्ताओं को राहत मिली है। पावर कॉरपोरेशन 8 अक्टूबर से प्रदेश में 24 घंटे बिजली आपूर्ति कर रहा है। यह व्यवस्था छठ पर्व तक जारी रहने की संभावना है।
आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में ग्रामीण क्षेत्रों को औसतन करीब 23 घंटे 20 मिनट बिजली मिली। पिछले साल अक्टूबर में यह औसत लगभग 22 घंटे था। यानी गांवों में बिजली आपूर्ति के समय में भी बढ़ोतरी हुई है। कुल मिलाकर, अगर नवंबर के बिजली बिल में करीब 9% की कटौती होती है, तो त्योहारों के मौसम में उत्तर प्रदेश के करोड़ों उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिल सकती है। फिलहाल सभी की नजर पावर कॉरपोरेशन के आधिकारिक आदेश पर है।
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