केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स में संशोधन करने के लिए एक नया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। इसका मकसद ड्राइविंग लाइसेंस सर्विसिस को ज्यादा पारदर्शी और आसान बनाना है। इसके तहत ड्राइविंग लाइसेंस में नाम और पता बदलवाने पर फीस न लेने की बात कही गई है। साथ ही इस नए ड्राफ्ट में सेफड्राइविंग टेस्ट के पासिंग मार्क्स बढ़ाने, आधार ऑथेंटिकेशन पर फीस माफ करने और आवेदन निपटान के लिए सख्त समयसीमा तय करने के प्रस्ताव शामिल हैं। आइए आपको इसके बारे में डिटेल में बताते हैं।
नामपता बदलने के लिए 15 दिन की डेडलाइन
15 दिनों में निपटारा अधिकारियों को नाम या पता बदलने जैसे आवेदनों को 15 दिनों के अंदर स्वीकृत या अस्वीकृत करना होगा। साथ ही आवेदन रिजेक्ट करने पर उसका स्पष्ट कारण भी देना होगा। 30 दिन लंबित रहने पर अगर पते में बदलाव का आवेदन 30 दिनों तक बिना किसी निर्णय के लंबित रहता है, तो उसे स्वीकृत मान लिया जाएगा।
LIC पॉलिसी की कॉपी अब एड्रेस प्रूफ में मान्य नहीं
वैलिड डॉक्यूमेंट्स पहचान, आयु और पते के प्रमाण के रूप में आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र मान्य होंगे। साथ ही बिजली और गैस बिल भी पते के प्रमाण के तौर पर मान्य हो सकते हैं, बशर्ते बिल 3 महीने से पुराना न हो।
LIC पॉलिसी मान्य नहीं अब तक पते या आयु के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल होने वाली LIC पॉलिसी को अब एड्रेस प्रूफ के तौर पर मान्य नहीं माना जाएगा।
सारथी पोर्टल से डेटा लाइसेंस रिन्युअल, डुप्लीकेट लाइसेंस और पर्सनल डिटेल्स अपडेट करने के लिए एक कंसॉलिडेटेड फॉर्म होगा, जिसमें डेटा सीधे सारथी पोर्टल से लिया जाएगा।
व्हीकल क्लास सरेंडर करने पर 1 साल का बैन
कोई व्यक्ति अगर अपने ड्राइविंग लाइसेंस से किसी व्हीकल क्लास को स्थायी रूप से सरेंडर या हटाने का आवेदन करता है, तो उसे 7 दिनों के अंटर हटा दिया जाएगा। हालांकि, सरेंडर करने के बाद वह व्यक्ति अगले 1 साल तक उस क्लास के लिए नया लर्नर या ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं होगा। हालांकि, यह नियम अभी लागू नहीं हुए हैं। यह एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन है, जिस पर 30 दिनों के भीतर आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। सुझाव मिलने के बाद इन नियमों को अंतिम रूप देकर देशभर में लागू किया जाएगा।