Climate Change Statment: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जलवायु परिवर्तन और कार्बन उत्सर्जन के मुद्दे पर यूरोप के देशों को जवाबदेह ठहराया है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा पर्यावरणीय संकट के लिए ऐतिहासिक रूप से विकसित देशों की बड़ी जिम्मेदारी रही है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की करीब 17% आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, पर वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में उसका योगदान 3% से भी कम है।
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— Bansal News Official October 23, 2026
यूरोप पर उठाए सवाल
मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यूरोप की आबादी दुनिया की कुल आबादी का करीब 3 से 4% है, लेकिन कार्बन उत्सर्जन और पर्यावरण पर उसके प्रभाव में उसका योगदान काफी ज्यादा रहा है।
ऐसे में उन्होंने दावा किया है कि कि आज भी भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन यूरोप की तुलना में काफी कम है। उनके अनुसार, यूरोप का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन और पर्यावरणीय प्रभाव भारत से लगभग 7 से 8 गुना तक हो सकता है।
1.4 अरब लोगों की जरूरतें पूरी करने की चुनौती
गोयल ने कहा कि भारत को 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा, भोजन और सुरक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा करना है। इन चुनौतियों के बावजूद देश स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने सर्कुलर इकोनॉमी यानी संसाधनों के दोबारा इस्तेमाल और कचरा कम करने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता का भी जिक्र किया।
स्वच्छ ऊर्जा कार्यक्रमों पर दिया जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अपनी विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने के साथसाथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जलवायु परिवर्तन से निपटने की जिम्मेदारी सभी देशों की है, लेकिन इसे समझते समय ऐतिहासिक उत्सर्जन, प्रति व्यक्ति उत्सर्जन और विकासशील देशों की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
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