अर्थराइटिस यानी गठिया होने पर पैरहाथ की उंगलियों और जोड़ों में दर्द शुरू हो जाता है. इसके पेशेंट को कई चीजों का खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है. ऐसे में सवाल उठता है कि अर्थराइटिस की चपेट में आने वालों को एक्सरसाइज करनी चाहिए या नहीं? डॉक्टर से जानें.

डॉ. अमित शर्मा ने बताया गठिया के मरीजों को अक्सर लगता है कि एक्सरसाइज करने से जोड़ों का दर्द बढ़ सकता है, इसलिए वे चलनाफिरना और शारीरिक गतिविधियां कम कर देते हैं. लेकिन ऐसा करना हमेशा सही नहीं है. गठिया में जोड़ों को लंबे समय तक निष्क्रिय रखने से अकड़न बढ़ सकती है और मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं. इसलिए मरीजों के लिए सही एक्सरसाइज करना जरूरी है.
एक्सरसाइज से जोड़ों की मूवमेंट बेहतर रहती है और उनके आसपास की मांसपेशियां मजबूत होती हैं. इससे जोड़ों को सहारा मिलता है और रोजमर्रा के काम करने में आसानी होती है. खासकर घुटनों के गठिया में वजन नियंत्रित रखना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि शरीर का अधिक वजन घुटनों पर दबाव बढ़ा सकता है.
गठिया के हर मरीज के लिए एक जैसी एक्सरसाइज सही नहीं होती. यह इस बात पर निर्भर करता है कि गठिया किस प्रकार का है, कौनसे जोड़ प्रभावित हैं और बीमारी किस अवस्था में है. सामान्य तौर पर हल्की वॉकिंग, स्ट्रेचिंग, स्थिर साइकिल चलाना और पानी में किए जाने वाले व्यायाम उपयोगी हो सकते हैं. शुरुआत कम समय और कम तीव्रता से करनी चाहिए, फिर अपनी क्षमता के अनुसार धीरेधीरे इसे बढ़ाना चाहिए.
एक्सरसाइज करते समय दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यदि किसी जोड़ में ज्यादा सूजन या दर्द है, तो उस पर जोर डालने से बचें. व्यायाम के दौरान तेज दर्द हो या उसके बाद दर्द और सूजन बढ़ जाए, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. रूमेटॉइड आर्थराइटिस जैसे मामलों में बीमारी के सक्रिय होने पर व्यायाम में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है.
गठिया होने का मतलब यह नहीं है कि मरीज एक्सरसाइज नहीं कर सकते. सही व्यायाम और उचित उपचार के साथ जोड़ों की कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद मिल सकती है. इसलिए दर्द के डर से शारीरिक गतिविधियां पूरी तरह बंद करने के बजाय डॉक्टर की सलाह के अनुसार व्यायाम करना चाहिए.