राष्ट्रीय राजधानी के दक्षिणपूर्वी दिल्ली स्थित किलोकरी गांव में 54 वर्षीय मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की दर्दनाक हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा कानूनी कदम उठाया है। पुलिस ने सोमवार को साकेत अदालत में सात आरोपियों के खिलाफ 500 से अधिक पन्नों का विस्तृत आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आरोपपत्र में आपराधिक साजिश , पांच या उससे अधिक व्यक्तियों द्वारा हत्या और किसी के मकान में जबरन अनधिकृत प्रवेश जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इस केस को मजबूत बनाने के लिए इसमें 30 से अधिक चश्मदीदों और गवाहों के बयानों को शामिल किया गया है।

आरोपपत्र में नामजद आरोपी भरत कुमार , प्रमोद , रमजान खान , दीपांशु , मोहन विश्वकर्मा , विजय और मन्नू हैं। इस मामले में एक नाबालिग को भी पकड़ा गया था। सभी आरोपी एक ढाबे के कर्मचारी हैं। पीड़ित चोंगथम विक्रम सिंह पर छह सितंबर को एक समूह ने उस समय हमला कर दिया था, जब वह अपने निवास के बाहर हो रहे हंगामे का विरोध करने के लिए इमारत से नीचे गए थे। जांच के अनुसार, आठ व्यक्ति उनका पीछा करते हुए इमारत की ऊपरी मंजिल तक गए और उनके अपार्टमेंट के बाहर उनके बेटे के सामने उनसे क्रूरतापूर्वक मारपीट की और फिर फरार हो गए।
आरोपी हंगामे का विरोध करने पर उन्हें पीटकर कथित तौर पर सबक सिखाना चाहते थे, लेकिन उन्हें यह उम्मीद नहीं थी कि यह हमला जानलेवा साबित होगा। पुलिस सूत्र ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उन्होंने संगीतकार को घूंसे और लातथप्पड़ से पीटा था। सिंह ने पास के एक ढाबा मालिक से वहां जुटने वाले लोगों द्वारा किए जाने वाले हंगामे को लेकर कई बार शिकायत की थी। हालांकि, पुलिस को हंगामे के संबंध में सिंह से कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। पुलिस ने कहा कि वे मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या इसमें कोई नस्लीय कोण शामिल था या नहीं।
Read only on Prabhasakshi