सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 ब्रेकिंग
बाबर आजम ने 16000 रन पूरे कर सहवाग को पछाड़ा, लेकिन विराट कोहली के इस रिकॉर्ड तक पहुंचना अब भी मुश्किल!​ | Alwar Crime News: रील बनाने वाली ‘कुमकुम’ को बॉयफ्रेंड ने मारा, दोनों लिव इन में रहते थे; 5 महीने की प्रेग्नेंट थी प्रेमिका​ | दुर्ग: वर्दी में शराब पीकर सोए ASI और आरक्षक निलंबित​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल फिर फैटी लिवर बढ़ा सकता है दिल की बीमारी का खतरा? कार्डियोलॉजिस्ट से जानें​

किसी व्यक्ति की कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट सामान्य होने का मतलब यह नहीं है कि उसे दिल की बीमारी का खतरा नहीं है. लिवर में फैट जमा होने की स्थिति शरीर के मेटाबॉलिज्म, इंसुलिन के काम करने के तरीके और रक्त वाहिकाओं की सेहत से जुड़ी हो सकती है. जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट… डॉक्टर आशू अग्रवाल […]

किसी व्यक्ति की कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट सामान्य होने का मतलब यह नहीं है कि उसे दिल की बीमारी का खतरा नहीं है. लिवर में फैट जमा होने की स्थिति शरीर के मेटाबॉलिज्म, इंसुलिन के काम करने के तरीके और रक्त वाहिकाओं की सेहत से जुड़ी हो सकती है. जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट…

डॉक्टर आशू अग्रवाल का कहना है कि कोलेस्ट्रॉल की रिपोर्ट नॉर्मल आने का मतलब यह नहीं है कि दिल की बीमारी का खतरा पूरी तरह खत्म हो गया है.

फैटी लिवर, खासकर नॉनअल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज, शरीर में मेटाबॉलिक गड़बड़ी और सूजन से जुड़ी स्थिति है, जिसका संबंध हृदय और रक्त वाहिकाओं की बीमारियों के बढ़े हुए जोखिम से देखा गया है.

कई बार फैटी लिवर वाले व्यक्ति का कुल कोलेस्ट्रॉल सामान्य होता है, लेकिन शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस, पेट के आसपास अधिक चर्बी, हाई ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर बढ़ने जैसी समस्याएं मौजूद हो सकती हैं. ये सभी कारक हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकते हैं.

फैटी लिवर में लिवर के अंदर वसा जमा होने के साथ शरीर में क्रॉनिक इंफ्लेमेशन और मेटाबॉलिक बदलाव हो सकते हैं. लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहने पर धमनियों में प्लाक बनने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिल सकता है. इसलिए केवल कोलेस्ट्रॉल की एक सामान्य रिपोर्ट देखकर हृदय संबंधी जोखिम को कम नहीं माना जाना चाहिए.

ऐसे लोगों को वजन, फैट, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और लिवर की सिचुएशन पर भी नजर रखनी चाहिए. बैलेंस डाइट, फिजिकली फिट रहना, पूरी नींद और वेट को कंट्रोल रखना फैटी लिवर और दिल दोनों के लिए फायदेमंद है.

अगर किसी इंसान को फैटी लिवर है और साथ में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा या परिवार में हार्ट डिजिज की हिस्ट्री है, तो डॉक्टर से नियमित कार्डियक रिस्क असेसमेंट कराना सबसे जरूरी है.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY