भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने संजू सैमसन का समर्थन करते हुए कहा कि एक बड़ी पारी इस विकेटकीपर बल्लेबाज को दोबारा लय में ला सकती है। पुजारा का मानना है कि टी20 क्रिकेट में शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के लिए निरंतरता के महत्व को बढ़ाचढ़ाकर आंका जाता है। वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू शृंखला के बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड के आगामी बहुप्रारूप दौरे की तैयारी कर रही है। इस दौरे का आगाज पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय शृंखला से होगा। वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 शृंखला 22 से बराबर रही थी।

पुजारा ने जियोहॉटस्टार के कार्यक्रम ‘आउट और नॉट आउट’ में सैमसन के उतारचढ़ाव भरे प्रदर्शन पर कहा, ‘‘निरंतरता होनी चाहिए, लेकिन टी20 में शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के मामले में मुझे लगता है कि इसे जरूरत से ज्यादा महत्व दिया जाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सैमसन कभी भी पूरी तरह फॉर्म से बाहर नहीं होते। टी20 प्रारूप में उनका प्रदर्शन उतारचढ़ाव वाला रहा है, लेकिन बात सिर्फ एक पारी की होती है। वह एक अच्छी पारी खेलते हैं और फिर लय हासिल कर लेते हैं।’’ पुजारा ने कहा,‘‘ ऐसे में आप यह नहीं कह सकते कि कोई खिलाड़ी लय में नहीं है। टी20 क्रिकेट में असफलताएं मिलना तय है।
इस प्रारूप में कौन ऐसा है जो आउट नहीं होता?’’ पुजारा ने न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में सैमसन और किशोर बल्लेबाजी प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी के एक साथ भारतीय एकादश में खेलने की संभावना पर भी संदेह जताया। उन्होंने कहा कि वहां टीम को बेहतर संतुलन के लिए अतिरिक्त हरफनमौला खिलाड़ियों की जरूरत पड़ सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘न्यूजीलैंड में वैभव का हर मैच खेलना थोड़ा मुश्किल लग रहा है, क्योंकि वहां आपको अधिक हरफनमौला खिलाड़ियों की जरूरत होगी। ये स्पिन गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर या तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर हो सकते हैं। वहां खासकर शीर्ष क्रम में बहुत ज्यादा बल्लेबाजों की जरूरत नहीं होगी।’’
पुजारा ने कहा, ‘‘संजू सैमसन या वैभव में से कोई एक पारी की शुरुआत कर सकता है। मुझे नहीं लगता कि न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में दोनों एक साथ अंतिम एकादश का हिस्सा बन पाएंगे। इसलिए वैभव को इंतजार करना पड़ सकता है, लेकिन उन्हें मौके जरूर मिलेंगे।’’