HDFC बैंक ने शनिवार को जानकारी देते हुए कहा कि सितंबर तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 5.55 प्रतिशत बढ़कर 20,700 करोड़ रुपए हो गया है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह 19,611 करोड़ रुपए था. एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, जुलाईसितंबर तिमाही में देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 4.7 प्रतिशत बढ़कर 19,510 करोड़ रुपए हो गया. बैंक की कुल आय एक साल पहले के 91,040 करोड़ रुपए से बढ़कर 97,258 करोड़ रुपए हो गई, और कुल खर्च 63,117 करोड़ रुपए से बढ़कर 67,774 करोड़ रुपए हो गया.

ग्रॉस NPA रेशियो में सुधार
प्रोविजन और आकस्मिक खर्चों के लिए अलग रखी गई राशि, पिछले साल की इसी अवधि के 3,500 करोड़ रुपए से बढ़कर 3,573.62 करोड़ रुपए हो गई. बैंक ने बताया कि ट्रेजरी परफॉरमेंस को छोड़कर, टैक्स के बाद के मुनाफे में सालाना आधार पर 12.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. ग्रॉस नॉनपरफॉर्मिंग एसेट्स रेशियो में सुधार हुआ है. यह एक तिमाही पहले के 1.17 प्रतिशत और पिछले साल की इसी अवधि के 1.24 प्रतिशत से घटकर 1.11 प्रतिशत पर आ गया है. 30 सितंबर, 2026 तक कुल कैपिटल एडिक्वेसी 18.9 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले 20 प्रतिशत थी. 30 सितंबर 2026 तक HDFC बैंक की कुल बैलेंस शीट का आकार 45.78 लाख करोड़ रुपए था, जबकि 30 सितंबर 2025 को यह 40.03 लाख करोड़ रुपए था.
एवरेज डिपॉजिट्स का आंकड़ा
सितंबर 2026 तिमाही में बैंक की औसत जमा राशि सालाना आधार पर 16.8% बढ़कर 31.66 लाख करोड़ रुपए हो गई, जो एक साल पहले की इसी तिमाही में 27.11 लाख करोड़ रुपए थी. पिछली तिमाही के मुकाबले, औसत जमा राशि में 5.1% की वृद्धि हुई, जो तब 30.12 लाख करोड़ रुपए थी. सितंबर 2026 तिमाही में HDFC बैंक की औसत चालू खाता और बचत खाता जमा राशि सालाना आधार पर 10.7% बढ़कर 9.71 लाख करोड़ रुपए हो गई, जबकि एक साल पहले यह 8.77 लाख करोड़ रुपए थी. पिछली तिमाही के मुकाबले, औसत CASA जमा राशि में 1.5% की वृद्धि हुई, जो तब 9.57 लाख करोड़ रुपए थी.
सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के लिए, बैंक के प्रबंधन के तहत औसत अग्रिम जिसमें इंटरबैंक पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट, बिलों की रीडिस्काउंटिंग और सिक्युरिटाइजेशन/असाइनमेंट के जरिए किए गए ट्रांसफर शामिल हैं 31.87 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गए. यह सितंबर 2025 तिमाही के 27.95 लाख करोड़ रुपए के मुकाबले 14.1% की सालाना वृद्धि है, और जून 2026 तिमाही के 30.39 लाख करोड़ रुपए के मुकाबले 4.9% की तिमाहीदरतिमाही वृद्धि है.