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नाक टेढ़ी बताकर अभ्यर्थियों को कर रहे थे फेल! UP होमगार्ड भर्ती के मेडिकल में हंगामा, पकड़े गए दो डॉक्टर और चालक​

कानपुर में होमगार्ड भर्ती के मेडिकल परीक्षण में कथित तौर पर रुपये मांगने का मामला सामने आने के बाद गुरुवार को पुलिस लाइन में जमकर हंगामा हुआ. अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि मेडिकल करने वाले डॉक्टर शारीरिक कमियां बताकर उन्हें अयोग्य घोषित करने की बात कह रहे थे. वहीं, मेडिकल में पास कराने के नाम […]

कानपुर में होमगार्ड भर्ती के मेडिकल परीक्षण में कथित तौर पर रुपये मांगने का मामला सामने आने के बाद गुरुवार को पुलिस लाइन में जमकर हंगामा हुआ. अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि मेडिकल करने वाले डॉक्टर शारीरिक कमियां बताकर उन्हें अयोग्य घोषित करने की बात कह रहे थे. वहीं, मेडिकल में पास कराने के नाम पर 50 हजार रुपये तक मांगे जा रहे थे. विरोध करने पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया. मामला बढ़ने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो डॉक्टरों और एक चालक को गिरफ्तार कर लिया. एक अन्य डॉक्टर समेत दो लोगों से पूछताछ किए जाने की जानकारी भी सामने आई है.

घटना के बाद भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं. जिला कमांडेंट ने पहले दिन का मेडिकल परीक्षण रद्द करने का फैसला लिया है. अब यह परीक्षण दोबारा कराया जाएगा.

नाक और हड्डी में कमी बताकर अयोग्य करने का आरोप

होमगार्ड भर्ती के लिए चयनित 1,947 अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण और चरित्र सत्यापन 15 से 29 अक्टूबर के बीच कराया जाना है. इसके लिए पुलिस लाइन में डॉक्टरों के दो पैनल बनाए गए हैं. गुरुवार को पहले दिन करीब 200 अभ्यर्थियों को मेडिकल परीक्षण के लिए बुलाया गया था.

अभ्यर्थियों का आरोप है कि मेडिकल के दौरान किसी की नाक टेढ़ी होने, तो किसी की हड्डी अधिक निकली होने की बात कहकर उसे अयोग्य ठहराने की कोशिश की जा रही थी. इसी बीच कुछ अभ्यर्थियों को मेडिकल में पास कराने के लिए रुपये देने का इशारा किए जाने की शिकायत सामने आई. आरोप है कि अभ्यर्थियों को पास खड़ी एक कार की तरफ भेजा जा रहा था. इस कार में तीन लोग मौजूद थे और कथित तौर पर 50 हजार रुपये तक की मांग की जा रही थी. कुछ अभ्यर्थियों ने इसका विरोध किया, जबकि करीब 10 अभ्यर्थियों से 20 से 30 हजार रुपये तक यूपीआई के माध्यम से लिए जाने की बात भी सामने आई है. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

पर्ची पर लिखे मोबाइल नंबर से खुला मामला

जिला कमांडेंट प्रीति शर्मा के मुताबिक, मेडिकल प्रक्रिया के दौरान एक अभ्यर्थी की पर्ची पर मोबाइल नंबर लिखे होने की जानकारी मिली. संदेह होने पर अभ्यर्थी का पीछा किया गया और पर्ची पर दर्ज नंबर पर संपर्क किया गया. फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को उन्नाव का निवासी बताया, लेकिन कुछ देर बाद कॉल काट दी.

जिला कमांडेंट के अनुसार, संबंधित कार डॉक्टर प्रवीण कुमार सक्सेना की थी. उसमें उनके चालक अजीत समेत तीन लोग मौजूद थे. मौके पर पहुंचने पर एक व्यक्ति वहां से भाग निकला, जबकि अजीत और एक अन्य व्यक्ति को पकड़ लिया गया. इस दौरान अभ्यर्थियों ने डॉक्टरों और अन्य लोगों के साथ मारपीट भी की.

रात तक चलता रहा हंगामा, दो डॉक्टर गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने उर्सुला अस्पताल के डॉक्टर प्रवीण कुमार सक्सेना, डॉक्टर महेश द्विवेदी और चालक अजीत को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. बताया गया कि डॉक्टर प्रवीण कुमार सक्सेना गुरुवार सुबह के बजाय दोपहर करीब दो बजे मेडिकल परीक्षण के लिए पहुंचे थे. शाम सात बजे के आसपास अभ्यर्थियों ने रुपये मांगे जाने की शिकायत शुरू कर दी. इसके बाद विवाद बढ़ता गया और रात करीब 10 बजे तक हंगामा होता रहा.

जिला कमांडेंट प्रीति शर्मा ने स्पष्ट किया कि पहले दिन की मेडिकल परीक्षण प्रक्रिया निरस्त कर दी गई है. इसे दोबारा कराया जाएगा. अब मामले की जांच के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि अभ्यर्थियों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो और भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी कराई जाए.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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