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Jio IPO से पहले आकाश अंबानी का बड़ा प्लान, 10 करोड़ घरों तक पहुंचेगा ब्रॉडबैंड, किफायती डिजिटल सर्विस पर फोकस​

रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और डिजिटल कंपनी जियो अब सिर्फ मोबाइल इंटरनेट तक सीमित नहीं रहना चाहती. कंपनी की योजना घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने, कारोबारियों को डिजिटल सेवाएं देने और अपनी तकनीक को विदेशों में बेचने की है. जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने 15 अक्टूबर को कंपनी की भविष्य की योजनाओं के […]

रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और डिजिटल कंपनी जियो अब सिर्फ मोबाइल इंटरनेट तक सीमित नहीं रहना चाहती. कंपनी की योजना घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने, कारोबारियों को डिजिटल सेवाएं देने और अपनी तकनीक को विदेशों में बेचने की है. जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने 15 अक्टूबर को कंपनी की भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जियो का लक्ष्य हर भारतीय घर, नागरिक और कारोबार को अच्छी और किफायती डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना है. यह योजना प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और विकसित भारत 2047 के विजन से भी प्रेरित है.

10 करोड़ घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने का लक्ष्य

आकाश अंबानी ने कहा कि जियो के विकास में होम ब्रॉडबैंड यानी घरों तक इंटरनेट पहुंचाने की बड़ी भूमिका होगी. कंपनी फिलहाल करीब 4 करोड़ घरों तक अपनी ब्रॉडबैंड सेवा पहुंचाने की क्षमता बना चुकी है. अब इसे बढ़ाकर 10 करोड़ घरों तक ले जाने का लक्ष्य है. इसके लिए जियो करीब 19,000 पिन कोड वाले इलाकों में अपनी पहुंच बढ़ाना चाहती है.

कंपनी इंटरनेट के साथ टीवी और डिजिटल ऐप जैसी सुविधाएं भी जोड़ रही है, ताकि ग्राहकों को एक ही जगह कई सेवाएं मिल सकें. जियो की ब्रॉडबैंड सेवाओं में इस्तेमाल होने वाली उसकी अपनी UBR तकनीक के जरिए भी इंटरनेट पहुंच बढ़ाने की योजना है. कंपनी के मुताबिक, इस तकनीक से 1 Gbps तक डाउनलोड और अपलोड स्पीड मिल सकती है. इसका अगला वर्जन डाउनलोड स्पीड को 5 Gbps तक ले जाने का दावा करता है.

मोबाइल और 5G से भी बढ़ेगा कारोबार

जियो के पास 30 जून 2026 तक 53.33 करोड़ ग्राहक थे. इनमें 28.5 करोड़ ग्राहक 5G सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे थे. कंपनी के नेटवर्क से भारत के कुल वायरलेस डेटा ट्रैफिक का 60% से ज्यादा गुजरता है. जियो के एक ग्राहक का औसत मासिक डेटा इस्तेमाल 43.7 GB तक पहुंच गया है. आकाश अंबानी ने कहा कि जियो की शुरुआत के बाद भारत में इंटरनेट की औसत डाउनलोड स्पीड करीब 2.5 Mbps से बढ़कर लगभग 68 Mbps हो गई है. कंपनी का कहना है कि उसकी औसत 5G डाउनलोड स्पीड 198.9 Mbps रही, जो पिछले तीन वर्षों में बाकी कंपनियों की तुलना में करीब दोगुनी थी.

जियो को अगले 5 सालों में मोबाइल कारोबार में नए ग्राहकों को जोड़ने और 2G इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को 4G व 5G पर लाने से भी विकास की उम्मीद है. कंपनी का कहना है कि वह प्रति GB डेटा की कीमत दुनिया में सबसे कम स्तर पर रखती है. उसके मुताबिक, डेटा की कीमत ₹228 प्रति GB से घटकर वित्त वर्ष 2026 में ₹7.5 प्रति GB रह गई.

कंपनियों को डिजिटल सेवाएं देने पर जोर

जियो अब कारोबार करने वाली कंपनियों को भी डिजिटल सेवाएं देने पर ध्यान दे रही है. आकाश अंबानी के अनुसार, भारत में एंटरप्राइज डिजिटल सर्विसेज का संभावित बाजार करीब 56 अरब डॉलर यानी लगभग 5.1 लाख करोड़ रुपये का है. इसमें बैंकिंग, बीमा, होटल और दूसरे कारोबारों के लिए सुरक्षित इंटरनेट, निगरानी और डिजिटल समाधान शामिल हैं.

जियो का दावा है कि देश की करीब 65% बैंक शाखाएं उसके नेटवर्क से जुड़ी हैं. कंपनी इस कारोबार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है. इसके अलावा, जियो अपनी तकनीक और नेटवर्क से जुड़े सॉफ्टवेयर को दूसरे देशों की टेलीकॉम कंपनियों के साथ साझा करने और उनसे कमाई करने की योजना बना रही है.

AI और अपनी तकनीक पर बड़ा निवेश

जियो सिर्फ दूसरी कंपनियों की तकनीक पर निर्भर नहीं रहना चाहती. आकाश अंबानी के मुताबिक, कंपनी ने भारत और विदेशों में कुल 7,220 पेटेंट आवेदन दाखिल किए हैं. इस तकनीक को विकसित करने में 12,000 से अधिक इंजीनियरों की टीम जुटी है. कंपनी ने अपनी नेटवर्क तकनीक, उपकरणों और डिजिटल सेवाओं को खुद विकसित करने पर जोर दिया है. जियो 12 भारतीय भाषाओं में AI आधारित वॉयस सेवाएं भी लाने की तैयारी कर रही है. इनमें फोन कॉल का लिखित रिकॉर्ड तैयार करना, बातचीत का सार बनाना और जरूरी कामों की सूची तैयार करना जैसी सुविधाएं शामिल होंगी. कंपनी के मुताबिक, इन सेवाओं के लिए ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा.

21 अक्टूबर से खुलेगा Jio Platforms IPO

जियो प्लेटफॉर्म्स अब शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है. कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक, उसका IPO 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा. इसके लिए शेयर का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 तय किया गया है. कंपनी इस इश्यू के जरिए 27 करोड़ तक नए शेयर जारी कर सकती है. ऊपरी प्राइस बैंड पर IPO से करीब ₹30,213 करोड़ जुटाए जा सकते हैं. इसमें मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव शामिल नहीं है. रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की 66.43% हिस्सेदारी है. आकाश अंबानी का कहना है कि जियो का अगला चरण मोबाइल नेटवर्क, घरों के ब्रॉडबैंड, कंपनियों के लिए डिजिटल सेवाओं और अंतरराष्ट्रीय तकनीकी कारोबार पर आधारित होगा. कंपनी का लक्ष्य भारत में डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने के साथ अपनी तकनीक को वैश्विक बाजार में भी पहुंचाना है.

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संपादकीय टीम

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