उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले दलबदल की सियासत तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के तीन बागी विधायकों के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कार्यक्रम के बीच सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है. सपा के प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने बागी विधायकों पर तंज कसते हुए उनकी तुलना अपेंडिक्स के किया है, जिसे परेशानी होने पर निकाल दिया जाता है.

उदयवीर सिंह ने कहा, ‘समाजवादी पार्टी इन सारे लोगों को अपने से पहले ही निकाल चुकी है. हमारे दल के लिए ये अवशेषी अंग हैं, वेस्टिजियल ऑर्गन जैसे अपेंडिक्स बढ़ जाता है, दर्द करता है लोग निकाल के उसको फेंक देते हैं. अब इन अवशेषी अंगों का भाजपा क्या करना चाहती है, ये उनकी समस्या है. हमारे लिए उनसे हर तरह की दूरी पहले से ही है.’
सपा के तीन बागी विधायक BJP में होंगे शामिल
फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी संजय सेठ के समर्थन में सपा के सात विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी, जिसके बाद इन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. इनमें ऊंचाहार से विधायक मनोज पांडेय, गौरीगंज से राकेश प्रताप सिंह, गोसांई गंज से अभय सिंह, जलालपुर से राकेश पांडेय, कालपी से विनोद चतुर्वेदी, चायल से पूजा पाल और बिसौली से विधायक आशुतोष मौर्य शामिल हैं.
इनमें से पूजा पाल ने भाजपा की सदस्यता नहीं ली थी, लेकिन उन्हें इसी साल सीधे पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है. वहीं मनोज पांडेय को योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया है. अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह, और विनोद चतुर्वेदी आज अमेठी में आयोजित सदस्यता ग्रहण समारोह में भाजपा ज्वाइन कर रहे हैं. राकेश पाण्डेय और आशुतोष मौर्य अभी भी सपा विधायक हैं.
राकेश प्रताप पर स्मृति के विरोध के बाद हुआ था FIR
वहीं, सपा के तीनों बागी विधायकों अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह, और विनोद चतुर्वेदी के भाजपा में शामिल होने के कार्यक्रम पर सियासी निगाहें हैं.सदस्यता कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी रहेगी. इनमें से राकेश प्रताप सिंह ने 2023 में नगरीय निकाय चुनाव के दौरान चेयरमैन प्रत्याशी रश्मि सिंह के पति दीपक सिंह को थाने में थप्पड़ मारा था.
इस घटना के बाद भाजपा ने जमकर विरोध जताया था और थाने में धरना दिया था. अमेठी की तत्कालीन सांसद और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राकेश प्रताप के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की थी. स्मृति के दबाव में ही पुलिस को राकेश प्रताप के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना पड़ा था. आज स्मृति ईरानी की मौजूदगी में ही राकेश प्रताप सिंह भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं.