उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले दलबदल की सियासत तेज हो गई है. इस बीच बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने पार्टी से इस्तीफा देकर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है. धर्मेंद्र कश्यप ने राजधानी लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. बताया जा रहा है कि कश्यप राज्यसभा की लिस्ट आने के बाद से ही पार्टी से नाराज चल रहे थे. धर्मेंद्र कश्यप ने बीजेप पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

बीजेपी की राज्यसभा लिस्ट में नाम नहीं आने के बाद धर्मेंद्र कश्यप ने सोशल मीडिया पर टाटाबायबाय लिखा था. बाद में उन्होंने पार्टी की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. बरेली से बीजेपी सांसद रहे धर्मेंद्र कश्यप ने अपने इस्तीफे में पार्टी पर 10 बड़े आरोप लगाए. उन्होंने इस्तीफे में तानाशाही, गुटबाजी, कमीशनखोरी जैसे गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने संगठन से सरकार तक पर उठाए सवाल उठाए. इसके साथ ही बरेली मंडल की 80% सीटें हारने का दावा किया.
धर्मेंद्र कश्यप ने लगाए गंभीर आरोप
1. भाजपा को बताया प्राइवेट कंपनी, तानाशाही का आरोप
2. संगठन में लोकतंत्र खत्म, पदाधिकारी ऊपर से थोपने का दावा
3. पुराने कार्यकर्ता किनारे, नेताओं पर परिवारवाद का आरोप
4. पिछड़ों और दलितों को सम्मान नहीं मिलने की बात
5. बरेली भाजपा में गुटबाजी और पैसों से संगठन चलाने का आरोप
6. अध्यक्षों को 1 से 2 लाख रुपए महीने देने का दावा
7. बरेली मंडल की 80% सीटें हारने की भविष्यवाणी
8. थाने से तहसील तक भ्रष्टाचार, 20% कमीशन का आरोप
9. नगर निगम के 1,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के बजट की जांच की मांग
10. हिंदूमुस्लिम मुद्दे से हर चुनाव नहीं जीता जा सकता
राज्यसभा की लिस्ट आने के बाद से थे नाराज
राज्यसभा की लिस्ट आने के बाद से नाराज चल रहे धर्मेंद्र कश्यप ने अखिलेश यादव से मुलाकात की थी. खबर है कि धर्मेंद्र कश्यप अपनी बेटी को समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ाने की तैयारी में हैं, हालांकि फिलहाल इसको लेकर कोई बयान नहीं अया है. लेकिन राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चा हो रही है.
कौन हैं धर्मेंद्र कश्यप
धर्मेंद्र कश्यप बरेली जिले की आंवला लोकसभा सीट से 2014 और 2019 में बीजेपी के टिकट पर सांसद चुने गए थे. 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें सपा के नीरज मौर्य से हार मिली. वह विधायक भी रह चुके हैं. वो बसपा और सपा से जुड़े रहे. 2013 में बीजेपी में आने के बाद उन्होंने आंवला से दो लोकसभा चुनाव जीते.
सपा के तीन विधायक थामेंगे बीजेपी का दामन
दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी निष्कासित तीन बागी विधायक आज बीजेपी का दामन थामेंगे. अमेठी में गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह, अयोध्या के गोसाईगंज विधानसभा से विधायक अभय सिंह और कालपी से विधायक विनोद चतुर्वेदी बीजेपी की सदस्यता लेंगे.
सदस्यता कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद रहेंगे.
फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी संजय सेठ के समर्थन में सपा के सात विधायक बागी हुए थे. ऊंचाहार से विधायक मनोज पांडेय, गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह, गोसाईगंज से विधायक अभय सिंह, जलालपुर से विधायक राकेश पांडेय, कालपी से विधायक विनोद चतुर्वेदी, चायल से विधायक पूजा पाल और बिसौली से विधायक आशुतोष मौर्य ने बगावत की थी.
इनमें से पूजा पाल ने बीजेपी की सदस्यता नहीं ली थी, लेकिन उन्हें सीधे पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है. वहीं मनोज पांडेय को योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया है. अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह, और विनोद चतुर्वेदी आज अमेठी में आयोजित सदस्यता ग्रहण समारोह में बीजेपी में शामिल हो रहे हैं. राकेश पाण्डेय और आशुतोष मौर्य अभी भी सपा विधायक हैं.