मंगलवार, 29 सितंबर 2026 ब्रेकिंग
Asian Games में बारिश से सभी क्वार्टर फाइनल रद्द, Semi Final में Sri Lanka से भिड़ेगा India​ | राजनीति में आए IAS अफसर…कितने बने CM-मंत्री, कितने हुए फेल? अजीत जोगी से यशवंत सिन्हा तक पूरी लिस्ट​ | ललितपुर में युवक ही बेरहमी से हत्या, नशे में युवकों ने पीट-पीटकर ले ली जान; ठेके के सेल्समैन को भी पीटा​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

सुबह उठते ही गला सूखना और खांसी…बदलते मौसम में शरीर के अंदर क्या बदल रहा?​

बदलते मौसम में सेहत का ख्याल रखना बेहद आवश्यक होता है, क्योंकि इस दौरान तापमान में बारबार बदलाव होता है. ऐसे में बुखार आना, गले में खराश, खांसी होना, जुकाम जैसे मामले काफी ज्यादा देखने में आते हैं. सितंबर मानसून का आखिरी महीना है और अब धीरेधीरे दिन सर्दियों की तरफ बढ़ रहे हैं. ऐसे […]

बदलते मौसम में सेहत का ख्याल रखना बेहद आवश्यक होता है, क्योंकि इस दौरान तापमान में बारबार बदलाव होता है. ऐसे में बुखार आना, गले में खराश, खांसी होना, जुकाम जैसे मामले काफी ज्यादा देखने में आते हैं. सितंबर मानसून का आखिरी महीना है और अब धीरेधीरे दिन सर्दियों की तरफ बढ़ रहे हैं. ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी सेहत पर ध्यान दें ताकि मौसमी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचे रहें. इस आर्टिकल में जानेंगे कि बदलते मौसम में हमारी बॉडी में क्या चेंजेस आते हैं और किन बातों को ध्यान में रखकर इस दौरान होने वाली हेल्थ प्रॉब्लम से बचा जा सकता है.

अभी धूप खिली है और अचानक बादल आने के साथ तेज हवाएं सर्दी बढ़ा दें. वहीं बारिश से मौसम में नमी भी बढ़ जाए तो इसका सेहत पर प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है. आपको भी अगर इस समय खराश, जुकाम जैसी समस्याएं परेशान कर रही हैं तो जान लें इसकी वजह और बचाव के तरीके.

सुबह गला सूखना या खराशखांसी

दिल्ली के आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि बदलते मौसम में तापमान और वातावरण की नमी होने जैसे बदलावों के कारण शरीर में कफ और वात का संतुलन प्रभावित हो सकता है, जिससे सुबह के समय गला सूखने, खराश या खांसी जैसी शिकायत हो सकती है. रात में मुंह से सांस लेना या कमरे की सूखी हवा भी गले का सूखापन बढ़ा सकती है. कोशिश करना चाहिए कि कमरे का तापान सही रहे और हमेशा नाक से ही सांस खींचनेछोड़ने की आदत डालनी चाहिए.

इन चीजों से मिलेगी राहत

डॉ. चंचल शर्मा का कहना है कि बदलते मौसम में दिखाई देने वाले हल्केफुल्के लक्षणों में मात्रा में पर्याप्त गुनगुना पानी पीना चाहिए. इसके अलावा सुबह उठकर भाप लेने से भी आपको राहत महसूस होती है. आप रात में सोने से पहले भी भाप ले सकते हैं. इससे कफ को हटाने में मदद मिलती है और आप बढ़िया नींद ले पाते हैं.

डॉक्टर के पास कब जाएं?

डॉ. चंचल शर्मा कहती हैं कि अगर खांसी लगातार बनी रहे, सांस लेने में परेशानी हो या बुखार जैसे लक्षण हों, तो ऐसे में सावधानियां बरतने के साथ ही डॉक्टर से जांच करानी चाहिए ताकि आप सही ट्रीटमेंट ले सकें. पेशेंट को बच्चों से दूर रखना चाहिए, क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है और इस दौरान वायरल हेल्थ प्रॉब्लम एक से दूसरे में पहुंच सकती हैं.

खानपान का रखें ध्यान

  • बदलते मौसम में खानपान का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि इसी से इम्यूनिटी मजबूत होती है.
  • हमेशा घर पर बना ताजा और हल्का, जल्दी पचने वाला खाना खाएं, क्योंकि इस दौरान पाचन भी धीमा हो जाता है.
  • बाहर की चीजों , ज्यादा फैट वाले फूड्स और पैक्ड फूड से दूरी बनानी चाहिए.
  • अपने खाने में अदरक, लहसुन, जीरा, अजवाइन, हल्दी आदि का उपयोग करें. ये मसाले औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं.
  • दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें. कोशिश करें कि नॉर्मल टेम्परेचर या फिर गुनगुने पानी को ही पिएं.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY