मंगलवार, 29 सितंबर 2026 ब्रेकिंग
Paris Fashion Week 2026 में Aishwarya Rai Bachchan का विंटेज जलवा! वेलवेट और क्रिस्टल आउटफिट में बिखेरा पुरानी दुनिया का ग्लैमर​ | कानपुर में सच साबित हुई ‘चोर की दाढ़ी में तिनका’ की कहावत, खुद ही कोर्ट पहुंचा चोर, पूछा- क्या मैं वांटेड हूं?​ | अयोध्या: छुट्टी के दिन बुलाया, मोबाइल बंद… पेपर मिल में इंजीनियर की मौत पर सवाल, परिजन बोले- बेटे के लैपटॉप से मैनेजर ने मेल किया था रेजिग्नेशन​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

मुरादाबाद में 48 घंटे की बारिश से हाहाकार, 50 मकान ढहे; खेतों में डूबी धान की फसल​

Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पिछले 48 घंटों से हो रही लगातार और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. भारी बारिश के चलते शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जलभराव की स्थिति बनी हुई है. निचली बस्तियों और जलस्रोतों के आसपास के क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों […]

Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पिछले 48 घंटों से हो रही लगातार और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. भारी बारिश के चलते शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जलभराव की स्थिति बनी हुई है. निचली बस्तियों और जलस्रोतों के आसपास के क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. प्रशासन के आकलन के अनुसार, जिले में करीब 50 मकान आंशिक या पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं.

बारिश का असर बिजली सप्लाई पर भी पड़ा है. कई स्थानों पर पेड़ और उनकी बड़ी शाखाएं टूटकर बिजली के पोल और ट्रांसफॉर्मर पर गिर गईं. इसके चलते करीब छह बिजली के पोल और कई ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है. कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.

फसलों को हुआ भारी नुकसान

सबसे अधिक चिंता ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को लेकर है. मूंढापांडे क्षेत्र के अहमदपुर सहित आसपास के गांवों में खेतों में पानी भर जाने से धान की फसलें प्रभावित हुई हैं. कई खेतों में तैयार धान की फसल पानी में डूब गई है. तेज हवाओं के कारण फसलें जमीन पर गिर गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है.

स्थानीय किसान मोहम्मद अली और मकसूद ने बताया कि उनकी करीब 1010 बीघा जमीन में खड़ी धान की फसल बारिश और जलभराव से बर्बाद होने की स्थिति में है. किसानों का कहना है कि खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से फसल सड़ने और खराब होने का खतरा बढ़ गया है. किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है.

2 अक्टूबर तक पूरा होगा नुकसान का सर्वे

स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अनुनय झा ने एसएसपी और नगर आयुक्त के साथ विभिन्न बाढ़ और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया. डीएम ने अधिकारियों से राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली तथा प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. जिलाधिकारी के अनुसार, अतिवृष्टि से हुए नुकसान का आकलन तेजी से कराया जा रहा है. सभी तहसीलों के एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 2 अक्टूबर तक फसल, मकान और पशुहानि का स्थलीय सर्वे पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें.

अधिकारियों को मिले निर्देश

डीएम ने कहा कि सर्वे में किसी पात्र किसान या प्रभावित परिवार का नाम छूटने की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी. प्रशासन की ओर से पात्र प्रभावितों को नियमानुसार सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने की बात कही गई है. वहीं, ग्रामीण इलाकों में खेतों और आबादी के आसपास पानी भरने के कारण वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ने की आशंका को देखते हुए वन विभाग की टीमों को भी सतर्क किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के साथसाथ लोगों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. प्रशासन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY