भारत में शाकाहारी खानपान का चलन बीते कुछ सालों में ज्यादा बढ़ गया है. लेकिन शाकाहारियों में कुछ पोषक तत्वों की कमी ज्यादा देखी जाती है. एक्सपर्ट के मुताबिक इन सब में सबसे ऊपर विटामिन बी12 है. शाकाहारियों में भी अब लोग प्लांट प्रोटीन पर फोकस करने लगे हैं क्योंकि वेगन डाइट का भी क्रेज भारत में देखा जा रहा है. एनिमल प्रोटीन या दूसरे तत्वों के लिए लोग जानवरों से मिलने वाली चीजों को खाने से परहेज कर रहे हैं. चीजों को खाने से बचा जाए तो पोषक तत्वों की कमी होने लगती है.

डॉक्टर से जानें शाकाहारियों को किन पोषक तत्वों की कमी का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ता है. साथ ही किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ये भी जानें…
शाकाहारियों में किन पोषक तत्वों ही होती है कमी?
डॉक्टर हर्ष कपूर कहते हैं कि वेजिटेरियन डाइट पूरी तरह संतुलित हो तो शरीर को जरूरी पोषण मिल सकता है, लेकिन डाइट को लेकर कंफ्यूजन या गलतियों से कुछ पोषक तत्वों की कमी का खतरा बढ़ जाता है. खासतौर पर विटामिन बी12, आयरन, प्रोटीन, कैल्शियम और ओमेगा3 फैटी एसिड की कमी देखने को मिल सकती है.
विटामिन बी12 की कमी से थकान, कमजोरी, हाथपैरों में झनझनाहट और नर्व सिस्टम से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं. रिसर्च के मुताबिक कुछ जानवरों के लिवर में सबसे ज्यादा बी12 होता है. जो नॉनवेज नहीं खाते इसलिए उन्हें एक उम्र पर इनकी कमी होने लगती है. वेजिटेरियन्स फोर्टिफाइड फूड के जरिए बी12 का इंटेक बढ़ा सकते हैं. इनमें चावल या दाल में अलग से विटामिन को एड किया जाता है.
आयरनप्रोटीन की कमी होना
डॉक्टर कहते हैं कि आयरन की कमी से हीमोग्लोबिन कम होने के कारण एनीमिया, चक्कर और सांस फूलने की समस्या हो सकती है. इसी तरह पर्याप्त प्रोटीन न मिलने से मांसपेशियों की ताकत और शरीर की रिकवरी प्रभावित हो सकती है. कैल्शियम की कमी लंबे समय में हड्डियों को कमजोर कर सकती है. ओमेगा3 फैटी एसिड शरीर के हार्ट और ब्रेन के सामान्य फंक्शन के लिए जरूरी है.
वेजिटेरियन्स क्याक्या खा सकते हैं
इसलिए वेजिटेरियन लोगों को दाल, चना, राजमा, सोया, पनीर, दूधदही, हरी सब्जियां, रागी, तिल, अलसी, चिया सीड्स और अखरोट जैसे पोषक खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए. किसी भी पोषक तत्व की कमी की आशंका होने पर बिना सलाह सप्लीमेंट लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श और जरूरत के अनुसार जांच कराना बेहतर है.