ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म Tata Cliq ने वित्त वर्ष 2026 में लगातार तीसरे साल अपना नेट लॉस कम किया है. कंपनी के लॉस में 19 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. जिसमें 20 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ और कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन व मॉनेटाइजेशन को बेहतर बनाने पर ज्यादा फोकस करने से मदद मिली. रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की फाइलिंग के अनुसार, Tata Cliq की ऑपरेटिंग कंपनी Tata UniStore Ltd ने वित्त वर्ष 2026 में 253 करोड़ रुपए का नेट लॉस दर्ज किया, जबकि एक साल पहले यह 314 करोड़ रुपए था. ऑपरेशन से रेवेन्यू बढ़कर 354 करोड़ रुपए हो गया. टाटा ग्रुप की कंपनी ने बताया कि साल के दौरान उसके दो बिजनेस Tata Cliq Fashion और Tata Cliq Luxury में क्रमशः 7 फीसदी और 26 फीसदी की ग्रोथ हुई, जबकि कुल मुनाफे में “काफी सुधार” हुआ.

क्या है कंपनी का प्लान
बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म Tofler से मिली RoC में फाइल की गई बोर्ड रिपोर्ट में Tata Cliq ने कहा कि आने वाले सालों के लिए आक्रामक ग्रोथ टारगेट के साथ, कंपनी अपने कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन को बेहतर बनाना जारी रखने और भारत में एक प्रमुख ओमनीचैनल मल्टीब्रांड ईरिटेल प्लेयर के तौर पर अपनी स्थिति को और मजबूत करने की योजना बना रही है. कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन का मतलब सेल्स रेवेन्यू के उस हिस्से से है जो वेरिएबल कॉस्ट घटाने के बाद बचता है. यह कंपनी टाटा ग्रुप की मुख्यधारा के ईकॉमर्स में पहली ऑर्गेनिक एंट्री थी. इसके बाद ग्रुप ने BigBasket और 1mg जैसी कंपनियों को खरीदकर और सुपरऐप Tata Neu लॉन्च करके डिजिटल कॉमर्स में अपनी मौजूदगी बढ़ाई.
कंपनी का कम हुआ फाइनेंस कॉस्ट
लेटेस्ट डेटा के अनुसार, इस ओमनीचैनल मार्केटप्लेस को भारी नुकसान हो रहा है वित्त वर्ष 2023 में 408 करोड़ रुपए के रेवेन्यू पर 875 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. वित्त वर्ष 2026 के फाइनेंशियल आंकड़ों से पता चला कि Tata UniStore की फाइनेंस कॉस्ट 80 फीसदी घटकर 48 करोड़ रुपए से 9.6 करोड़ रुपए हो गई, जिससे टैक्सपूर्व नुकसान को कम करने में मदद मिली. वित्त वर्ष 2026 के आखिर में कुल जमा नुकसान लगभग 3,931 करोड़ रुपए था.
Infiniti Retail के बाद Tata UniStore, टाटा का दूसरा कंज्यूमरफेसिंग नया बिजनेस है जिसने मुनाफा बढ़ाया है. Infiniti Retail, Croma स्टोर चेन और Croma ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की मालिक है और उन्हें चलाती है. Infiniti Retail वित्त वर्ष 2026में 235 करोड़ रुपए के ऑपरेटिंग लॉस से उबरकर 159 करोड़ रुपए के ऑपरेटिंग प्रॉफिट में आ गई. इसने वित्त वर्ष 2026 में अपने नेट लॉस को भी काफी कम किया एक साल पहले के 1,091 करोड़ रुपए से घटाकर 614 करोड़ रुपए कर दिया.