राज्यसभा के रिक्त पदों पर होने वाले चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी में मंथन शुरू हो गया है. इसी क्रम में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने पार्टी की एक बड़ी मीटिंग बुलाई है. यह मीटिंग लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में 28 सितंबर को सुबह 11 बजे से होगी. इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य उम्मीदवारों का चयन और तीसरी सीट पर जीत हासिल करने के लिए रणनीति बनाना है.

समाजवादी पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि इस चुनाव में समाजवादी पार्टी दो सीटें तो आराम से जीत सकती है, लेकिन तीसरी सीट जीतने के लिए पर्याप्त नंबर नहीं है. इस मुद्दे पर विचार के लिए अखिलेश यादव ने इस मीटिंग का आयोजन किया है. इस मीटिंग में दो सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों का ऐलान भी हो सकता है. लेकिन तीसरी सीट को लेकर पार्टी अभी उलझन में है.
क्या पार्टी उतारेगी उम्मीदवार?
समाजवादी पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि दो सीटों पर विजय तो आसान है, लेकिन मुख्य सवाल तीसरी सीट को लेकर है. पार्टी तीसरी सीट को जीतने की संभावनाएं तलाश रही है. इस मीटिंग में सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए पार्टी इस बात पर भी विचार कर रही है कि इस तीसरी सीट पर कोई उम्मीदवार उतारा जाय या छोड़ दिया जाए. इस मीटिंग में भी सर्व सम्मति से इस सवाल पर फैसला लिया जाएगा.
दांव खेलने के मूड में सपा
दरअसल सपा के पास जो नंबर हैं, उससे दो सीटें तो आसानी से निकलेंगी. इसके बाद भी 25 वोट बचेंगे. इससे तीसरे प्रत्याशी का जीतना संभव नहीं है. ऐसी स्थिति में सपा एक दांव खेलने के मूड में नजर आ रही है. यदि मीटिंग में सहमति बनती है तो इस तीसरी सीट पर सपा किसी अति पिछड़ा या दलित वर्ग के उम्मीदवार को मैदान में उतार सकती है. बता दें कि उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं. इसके लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा.