गुरुवार, 24 सितंबर 2026 ब्रेकिंग
EPF Withdrawal Rules: घर खरीदने, बनाने या मरम्मत के लिए PF से कितना पैसा निकाल सकते हैं?​ | Bank Strike: 28 सितंबर से 30 सितंबर तक बंद रहेंगे बैंक, जानें 3 दिन कैसे चलेगा आपका काम​ | Asian Games में Seema Kumari ने जीता Bronze Medal, 10000m रेस में लहराया तिरंगा​
दिल्ली 32°C ☀️ |
728 x 90 Advertisement
विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
Viral

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: करीब 70 हजार पन्नों की चार्जशीट में क्या-क्या?​

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस ने अपनी जांच पूरी करते हुए अदालत में करीब 70 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है. 90 दिन की समयसीमा पूरी होने के साथ ही पुलिस टीम चार बड़े बक्सों में चार्जशीट लेकर एंटी करप्शन कोर्ट पहुंची. चार्जशीट में जेल में बंद […]

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस ने अपनी जांच पूरी करते हुए अदालत में करीब 70 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है. 90 दिन की समयसीमा पूरी होने के साथ ही पुलिस टीम चार बड़े बक्सों में चार्जशीट लेकर एंटी करप्शन कोर्ट पहुंची. चार्जशीट में जेल में बंद आठ आरोपियों को आरोपी बनाया गया है. जांच के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों और बैंक की भूमिका की भी जांच की गई.

हालांकि पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात कहते हुए उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया. वहीं ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और मंदिर के व्यवस्था प्रमुख रहे गोपाल राव को पुलिस ने सरकारी गवाह बनाया है. चार्जशीट में जांच से जुड़े CCTV फुटेज, गवाहों के बयान, मोबाइल मैसेज और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज शामिल किए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर परिसर में चोरी से जुड़ी 105 घटनाएं CCTV फुटेज में सामने आईं.

चार्जशीट में आठ आरोपी कौन?

पुलिस ने करीब 173 गवाहों के बयान भी दर्ज किए हैं. इसके अलावा आरोपियों के बीच हुए करीब 3,300 टेक्स्ट मैसेज को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है. पुलिस ने जांच के बाद उन्हीं आठ आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है, जिनके खिलाफ पहले मामला दर्ज कर गिरफ्तारियां हुई थीं. चार्जशीट में किसी नए आरोपी को नहीं जोड़ा गया है.

1. अनुकल्प मिश्रा

चार्जशीट में अनुकल्प मिश्रा को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है. पुलिस के मुताबिक, वह अन्य लोगों से मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी करवाता था. जांच में उसके घर से करीब 16.82 लाख रुपये की बरामदगी का जिक्र है. पुलिस के मुताबिक चोरी की रकम के बंटवारे के लिए जनौरा के पास हाईवे के नजदीक एक बाग का इस्तेमाल किया जाता था. अनुकल्प मिश्रा के बहनोई लवकुश मिश्रा को भी मंदिर में नौकरी दिलाने की बात चार्जशीट में सामने आई है.

2. रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू

रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू पर दानपात्रों की चाबियां बिना आदेश के अपने पास रखने का आरोप है. चार्जशीट के मुताबिक, वह श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के नाम पर पैसे लेता था. उसके वाहन किराये पर चलवाने से करीब 90 हजार रुपये प्रतिमाह आय होने का भी जिक्र जांच में किया गया है.

3. लवकुश मिश्रा

लवकुश मिश्रा पर चढ़ावे की रकम निकालने में भूमिका निभाने का आरोप है. जांच के दौरान उसके घर से करीब 14.25 लाख रुपये बरामद होने का उल्लेख चार्जशीट में है.

4. रमाशंकर मिश्रा

रमाशंकर मिश्रा के यहां से करीब 7.32 लाख रुपये नकद बरामद होने की बात सामने आई है. इसके अलावा बाड़ी का डिब्बा और दो चांदी के सिक्के बरामद किए जाने का भी जिक्र है.

5. मनीष यादव

मनीष यादव पर चढ़ावे की नकदी की गिनती के दौरान हेराफेरी में भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया है.

6. अविनाश गुप्ता

अविनाश गुप्ता पर भी चढ़ावे की रकम की चोरी में भूमिका का आरोप है. चार्जशीट के मुताबिक उसके घर से करीब 20.39 लाख रुपये और 1,121 अमेरिकी डॉलर समेत अन्य नकदी बरामद हुई.

7. कृष्णेश पांडेय

कृष्णेश पांडेय पर चढ़ावे की नकदी में हेराफेरी से जुड़ी भूमिका का आरोप लगाया गया है.

8. सुभाष श्रीवास्तव

सुभाष श्रीवास्तव सेवानिवृत्त बैंककर्मी बताए गए हैं. चार्जशीट में उन पर नकदी की गिनती के दौरान रकम निकालने और उसे छिपाने में भूमिका निभाने का आरोप है.

105 घटनाएं CCTV में दर्ज

इस मामले की जांच में CCTV फुटेज अहम साक्ष्य के तौर पर सामने आए हैं. पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, मंदिर परिसर में चोरी से जुड़ी 105 घटनाएं CCTV में दर्ज हुईं. इसके अलावा 173 लोगों के बयान जांच का हिस्सा बनाए गए हैं. आरोपियों के बीच हुई करीब 3,300 टेक्स्ट मैसेज की भी पुलिस ने जांच की है. पुलिस ने कई बैंक खातों की भी जांच की. जांच का फोकस चढ़ावे की रकम की आवाजाही, आरोपियों के बीच कथित लेनदेन और चोरी की रकम के बंटवारे पर रहा.

चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव आरोपी नहीं गवाह

इस चार्जशीट का सबसे अहम पहलू यह है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों को आरोपी नहीं बनाया गया है. पुलिस ने पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और मंदिर के व्यवस्था प्रमुख रहे गोपाल राव को आरोपी बनाने के बजाय सरकारी गवाह बनाया है. पुलिस की ओर से बताया गया है कि ट्रस्ट पदाधिकारियों और बैंक के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले. इसी आधार पर उन्हें आरोपियों की सूची से बाहर रखा गया. चार्जशीट में इन लोगों को जांच से जुड़ी जानकारी और घटनाक्रम के संबंध में गवाह के तौर पर शामिल किया गया है.

मंदिर से आभूषण चोरी की बात खारिज

जांच के दौरान मंदिर से कीमती आभूषण गायब होने की चर्चाएं भी सामने आई थीं. हालांकि चार्जशीट में पुलिस ने मंदिर से कीमती आभूषण गायब होने की बात को खारिज किया है. जांच का मुख्य फोकस चढ़ावे की नकदी और दानपात्रों से संबंधित कथित हेराफेरी पर रहा.

किन धाराओं में कार्रवाई?

चार्जशीट में आरोपियों के खिलाफ आपराधिक न्यासभंग, चोरी की संपत्ति रखने, आपराधिक साजिश और सामूहिक जिम्मेदारी से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं. इनमें धारा 316 , 317 , 317 , 61 और 3 समेत अन्य धाराओं का उल्लेख है. धारा 316 जिम्मेदारी के तहत सौंपी गई संपत्ति या धन के आपराधिक न्यासभंग से संबंधित है. वहीं धारा 317 की उपधाराएं चोरी या गबन की संपत्ति को रखने, छिपाने या उसके निस्तारण में मदद करने से संबंधित हैं. धारा 61 आपराधिक साजिश और धारा 3 साझा मंशा से किए गए अपराध में सामूहिक जिम्मेदारी से जुड़ी है.

90 दिन की समयसीमा से पहले दाखिल हुई चार्जशीट

मामले में गिरफ्तार आरोपियों के लिए 90 दिन की वैधानिक समयसीमा अहम थी. इसी अवधि के भीतर पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया. इससे जांच का आरोपपत्र वाला चरण पूरा हो गया है और अब मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की इस चार्जशीट के बाद अब अदालत के सामने आठ आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप, पुलिस द्वारा जुटाए गए CCTV फुटेज, मोबाइल मैसेज, गवाहों के बयान और वित्तीय साक्ष्यों की जांच होगी.

विज्ञापन
728 x 90 Advertisement
शेयर करें:
Author Bio Pic

संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

🐒 KHABAR MONKEY