भारत में GST 2.0 लागू हुए एक साल पूरा हो गया है. सबसे बड़ा बदलाव ऑटोमोबाइल सेक्टर में देखने को मिला है. इस दौरान छोटी और एंट्रीलेवल कारों की मांग में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है. यह बदलाव इसलिए जरूरी था क्योंकि SUV की बढ़ती मांग की वजह से छोटी कारों की बिक्री काफी कम हो गई थी. मारुति सुजुकी ने GST में बदलाव को कंपनी और ऑटो सेक्टर के लिए बड़ा बदलाव बताया है.

मारुति सुजुकी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO हिसाशी ताकेउची के मुताबिक, अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान कंपनी की पैसेंजर व्हीकल बिक्री सालाना आधार पर करीब 36 प्रतिशत बढ़ी. इसी दौरान कंपनी के एंट्रीलेवल सेगमेंट की बिक्री में 96 प्रतिशत से ज्यादा की ग्रोथ दर्ज की गई.
कंपनी के अनुसार, GST में कटौती के बाद छोटी कारों की कीमत पहले के मुकाबले ज्यादा किफायती हुई है. इससे खासतौर पर उन ग्राहकों को फायदा हुआ जो पहली बार कार खरीदने की योजना बना रहे थे. मारुति का कहना है कि बेहतर कीमत और बढ़ती मांग से देश में कारों का बाजार और बड़ा हो सकता है.
छोटी कारों पर कितना GST?
सरकार के नए GST ढांचे में छोटी कारों पर GST को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है. पेट्रोल, LPG और CNG कारों के लिए 1,200cc तक इंजन और 4 मीटर तक लंबाई वाली कारें इस कैटेगरी में आती हैं. डीजल कारों के लिए 1,500cc तक इंजन और 4 मीटर तक लंबाई की सीमा है. बड़ी कारों और तय मानकों वाली SUV पर GST की दर 40 प्रतिशत की गई है, जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों पर GST 5 प्रतिशत पर बना हुआ है.
बिक्री बढ़ने से कंपनियों की योजनाएं भी तेज
हिसाशी ताकेउची के अनुसार, मांग बढ़ने और कारों के ज्यादा किफायती होने के बीच मारुति अपनी कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी निवेश योजनाओं को भी तेज कर रही है. कंपनी का मानना है कि मजबूत मैन्युफैक्चरिंग क्षमता से भारत में उत्पादन बढ़ाने और एक्सपोर्ट के अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है. मारुति ने पहले भी बताया था कि GST में कटौती के बाद घरेलू बाजार में मांग मजबूत हुई और छोटी कारों के 18 प्रतिशत GST वाले सेगमेंट में बड़ी संख्या में ऑर्डर मिले थे. GST बदलाव के बाद ऑटो सेक्टर में मांग बढ़ने से कार कंपनियों, डीलर्स, सर्विस सेंटर और ऑटो फाइनेंस कंपनियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद जताई गई थी.