Onion Price Hike 82 Percent: भारी बारिश में दिनों दिन बढ़ती प्याज की कीमतों ने किचिन का बजट बिगाड़ दिया है। बीते तीन महीनों में इनकी खुदरा कीमतों में 82 प्रतिशत का उछाल आया है। जून की तुलना में प्याज थोक भाव में दोगुने पर पहुंच गई है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1 जून को प्याज का औसत खुदरा भाव 29.50 रुपये प्रति किलो था, तो वहीं 17 सितंबर को ये बढ़कर 53.78 रुपये प्रति किलो पहुंच गया। इसका मतलब है करीब यानी साढ़े तीन महीने में प्याज के दाम में 82.3 फीसदी बढ़ गए हैं।
हालांकि खुदरा बाजार के साथसाथ थोक मंडियों में भी प्याज की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला है। जून की तुलना में थोक भाव करीब दोगुने स्तर तक पहुंच गए हैं।
प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी
| बाजार | तारीख | औसत भाव | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| खुदरा बाजार | 1 जून | ₹29.50 | — |
| खुदरा बाजार | 17 सितंबर | ₹53.78 | 82.3% |
| थोक बाजार | जून | ₹22.60 | — |
| थोक बाजार | 10 सितंबर | ₹46.20 | लगभग 104% |
| थोक बाजार | 17 सितंबर | ₹45.68 | लगभग 102% |
कीमत बढ़ने की मुख्य वजह
| कारण | असर |
|---|---|
| महाराष्ट्र में गर्मियों की प्याज की फसल को नुकसान | उत्पादन प्रभावित |
| महाराष्ट्र और कर्नाटक से सप्लाई में कमी | मंडियों में आवक घटी |
| खरीफ की नई फसल आने में देरी | बाजार में सप्लाई का दबाव |
| थोक मंडियों में तेजी | खुदरा कीमतों पर असर |
थोक बाजार में भी प्याज हुआ महंगा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 1 जून को प्याज का औसत थोक भाव 22.60 रुपये प्रति किलो था। इसके बाद कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिली। 10 सितंबर को थोक भाव 46.20 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया, जबकि 17 सितंबर को यह 45.68 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया।
इस तरह जून की तुलना में थोक बाजार में प्याज की कीमत लगभग दोगुनी हो गई। थोक भाव बढ़ने का सीधा असर खुदरा बाजार पर भी दिखाई देता है। मंडियों में महंगा प्याज पहुंचने से खुदरा विक्रेताओं को भी इसे अधिक कीमत पर बेचना पड़ता है।
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