SIR Notice: दिल्ली में के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। ने , समेत कई प्रमुख नेताओं और लाखों अन्य मतदाताओं को नोटिस जारी किए हैं। ये नोटिस रिकॉर्ड में मिली विसंगतियों या पिछली SIR की सूची से रिकॉर्ड लिंक नहीं होने के कारण भेजे गए हैं।

रेखा गुप्ता के रिकॉर्ड में क्या गड़बड़ी थी?
का नाम भी SIR के दौरान सामने आई ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ वाली सूची में था। अधिकारियों के मुताबिक, उनके एन्यूमरेशन फॉर्म में उनकी और उनके मातापिता की उम्र के बीच अपेक्षित अंतर नहीं दिख रहा था। इसके बाद उनसे जरूरी दस्तावेज मांगे गए। दस्तावेजों और फील्ड वेरिफिकेशन के बाद चुनाव अधिकारियों ने उनकी एंट्री को वैलिडेट कर दिया है। उनका नाम शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। अंतिम सूची 4 नवंबर को जारी होनी है।
केजरीवाल और परिवार को क्यों मिला नोटिस?
पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के रिकॉर्ड को पिछली SIR सूची से लिंक नहीं होने यानी ‘Unmapped with Last SIR’ श्रेणी में रखे जाने के कारण नोटिस मिला है। केजरीवाल के अलावा उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, मातापिता और बेटे को भी इसी आधार पर नोटिस जारी किया गया है। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, इसका मतलब यह नहीं है कि इन लोगों के नाम सीधे तौर पर वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। संबंधित मतदाताओं से दस्तावेज और जवाब लेकर रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है।
AAP ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
केजरीवाल और उनके परिवार को नोटिस मिलने के बाद आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। AAP के नेशनल मीडिया इंचार्ज अनुराग धांडा ने कहा कि तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के वोटों को लेकर इस तरह की प्रक्रिया क्यों अपनाई जा रही है। यह AAP की प्रतिक्रिया है; चुनाव अधिकारियों का कहना है कि नोटिस SIR के दौरान रिकॉर्ड के सत्यापन और पिछली मतदाता सूची से मैपिंग की प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
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33 लाख से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल करीब 33.13 लाख मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म में विसंगतियां सामने आई हैं। इनमें से 31.63 लाख से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, ज्यादातर नोटिस उन मतदाताओं को भेजे गए हैं, जिनके रिकॉर्ड पिछली SIR यानी 2002 की मतदाता सूची से लिंक नहीं हो पाए। इसके अलावा नाम, जन्मतिथि या अन्य विवरण में विसंगति वाले मतदाताओं को भी नोटिस दिए गए हैं।
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4 नवंबर को आएगी अंतिम वोटर लिस्ट
SIR के तहत नोटिस पाने वाले मतदाताओं को संबंधित चुनाव अधिकारी के सामने जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इसके बाद दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया के आधार पर रिकॉर्ड को अपडेट किया जाएगा। दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली है।
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