: हजारीबाग जमीन विवाद शुक्रवार को उस समय बढ़ गया, जब प्रशासन की टीम खासमहल होल्डिंग नंबर302 की 50 डिसमिल जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची। सदर अंचलाधिकारी सह खासमहल पदाधिकारी आशुतोष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे।

प्रशासन की टीम कार्रवाई के लिए जेसीबी लेकर पहुंची थी। इसी दौरान पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया। देखते ही देखते मौके पर अधिकारियों और साव के बीच बहस शुरू हो गई। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल को भी बुलाया गया।
हजारीबाग में हाईवोल्टेज ड्रामा! पूर्व मंत्री Yogendra Saw और जिला प्रशासन में भिड़ंत
झारखंड के हजारीबाग में कैंटोनमेंट मौजा स्थित खासमहल की लगभग 50 डिसमिल सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची जिला प्रशासन की टीम और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के बीच भारी नोकझोंक और हंगामा देखने… pic.twitter.com/4TbfVFaTqM
— Bansal News Official September 19, 2026
जेसीबी के सामने बैठ गए योगेंद्र साव
हजारीबाग जमीन विवाद में उस समय स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जब योगेंद्र साव जेसीबी के बकेट के सामने बैठ गए। उन्होंने जमीन पर कार्रवाई रोकने की मांग की। प्रशासन का कहना है कि जमीन पर दोबारा गोशाला और पीसीसी सड़क का निर्माण किया गया था।
अधिकारियों के मुताबिक, पिछले दो महीनों में इसी जमीन को चार बार अतिक्रमणमुक्त कराया जा चुका है। इसके बाद भी दोबारा निर्माण की शिकायत मिली थी। कार्रवाई के दौरान प्रशासन की टीम ने जमीन पर बनी गोशाला और पीसीसी सड़क को जेसीबी से हटा दिया।
जमीन के अधिकार को लेकर साव का दावा
हजारीबाग जमीन विवाद को लेकर योगेंद्र साव ने कहा कि संबंधित जमीन का एटॉर्नी पावर उनके पास है। उन्होंने दावा किया कि खासमहल जमीन के नवीनीकरण के लिए उपायुक्त को आवेदन दिया गया है।
साव के मुताबिक, रिज्यूम जमीन के मामले में उन्होंने राज्य के भूराजस्व मंत्री से भी मुलाकात की है। उन्होंने यह भी कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए सदर सीओ के पास उपायुक्त या एसडीओ का कोई आदेश नहीं था। हालांकि प्रशासन जमीन को सरकारी खासमहल भूमि बता रहा है।
वायरल वीडियो में हेमंत सोरेन पर आरोप
मामले के दौरान बनाए गए बताए जा रहे दो वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हैं। एक वीडियो में योगेंद्र साव मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को ‘भ्रष्ट मुख्यमंत्री’ बताते हुए सरकार पर राज्य के जलजंगलजमीन को कॉरपोरेट के हाथों सौंपने का आरोप लगाया।
साव ने अधिकारियों एल खियांग्ते और विनय चौबे का भी जिक्र किया। ये आरोप योगेंद्र साव के राजनीतिक बयान हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है। भाजपा ने भी वायरल वीडियो को अपने X हैंडल से साझा किया है।
सीओ बोले शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
सदर सीओ सह खासमहल पदाधिकारी आशुतोष ने बताया कि होल्डिंग नंबर302 की 50 डिसमिल जमीन का सर्वे कर उसे रिज्यूम करने के लिए उपायुक्त और आयुक्त के माध्यम से सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
प्रशासन के अनुसार, प्रस्तावित जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण की शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की गई। वहीं योगेंद्र साव जमीन पर अपने अधिकार और प्रशासनिक आदेश को लेकर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल हजारीबाग जमीन विवाद में प्रशासन की कार्रवाई और साव के दावों को लेकर विवाद जारी है।