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आम आदमी को लग सकता है महंगाई का झटका, ‘अल नीनो’ की मार से फिर महंगा होगा दूध!​

कुछ हफ्तों पहले अमूल और मदर डेयरी के साथ देश की तमाम डेयरी ने दूध की कीमतों में इजाफा कर आम लोगों के बजट को हिलाने का काम किया था. आने वाले दिनों में एक फिर से दूध के दाम आम लोगों के बजट को हिला सकते हैं. डेयरी इंडस्ट्री के अधिकारियों का कहना है […]

कुछ हफ्तों पहले अमूल और मदर डेयरी के साथ देश की तमाम डेयरी ने दूध की कीमतों में इजाफा कर आम लोगों के बजट को हिलाने का काम किया था. आने वाले दिनों में एक फिर से दूध के दाम आम लोगों के बजट को हिला सकते हैं. डेयरी इंडस्ट्री के अधिकारियों का कहना है कि मई में दूध की कीमतें पहले ही 23 फीसदी बढ़ चुकी हैं. अगर अलनीनो और कम बारिश की वजह से चारे की कमी होती है और दूध का उत्पादन प्रभावित होता है, तो जुलाई या अगस्त तक कीमतें और बढ़ सकती हैं.

आमतौर पर कम बारिश होने पर किसान चारे और पानी की कमी के कारण मवेशियों की संख्या कम कर देते हैं, जिससे दूध का उत्पादन घटता है और कीमतें बढ़ जाती हैं. अमूल, मदर डेयरी और पराग मिल्क फूड्स जैसी बड़ी डेयरी कंपनियों ने मई में दूध की कीमतें 23 फीसदी बढ़ाई थीं. वहीं, तमिलनाडु की आविन ने लू के असर के बीच सप्लाई कम कर दी है.

4 फीसदी तक महंगा हो सकता है दूध

‘गो चीज’ और ‘गोवर्धन’ ब्रांड की मालिक पराग मिल्क फूड्स के चेयरमैन देवेंद्र शाह ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि दूध की कीमतें पहले ही लगभग 23 फीसदी बढ़ चुकी हैं और अगर मुख्य दूध उत्पादक इलाकों में बारिश सामान्य से कम रहती है, तो जुलाई तक 34 फीसदी और बढ़ोतरी हो सकती है. महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को चारे का उत्पादन बढ़ाने की सलाह दी है, जबकि कई डेयरी कंपनियां मवेशी पालकों के साथ मिलकर चारे की योजना पर काम कर रही हैं.

महाराष्ट्र के पशुपालन आयुक्त किरण पाटिल ने कहा कि अलनीनो के कारण निकट भविष्य में चारे की कमी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. यह सुनिश्चित करने के लिए कि इस स्थिति का असर पशुधन और दूध उत्पादन पर न पड़े, राज्य के सभी पशुपालकों को अभी से सतर्क रहना चाहिए और चारे की फसलों की योजना बनानी चाहिए.

अमूल और मदर डेयरी की राय

अमूल ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि वह कोई भी राय बनाने से पहले मानसून की प्रगति का आकलन करेगा और चारे की स्थिति अभी चिंता का विषय नहीं है. अमूल ब्रांड की मालिक गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर जयेन मेहता ने कहा कि दूध की उपलब्धता पर अलनीनो का कोई तत्काल असर नहीं है. कम बारिश का असर आमतौर पर पूरे देश के बजाय कुछ खास इलाकों तक ही सीमित रहता है.

मदर डेयरी ने कहा कि वह खरीद वाले इलाकों में हालात पर नजर रख रही है और जहां जरूरी हो, वहां बचाव के उपाय कर रही है. मदर डेयरी के मैनेजिंग डायरेक्टर जयतीर्थ चारी ने कहा कि हम राज्यदरराज्य अपने खरीद नेटवर्क में हो रही गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और जहां भी जरूरत हो, वहां उचित बचाव उपायों पर काम कर रहे हैं.

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संपादकीय टीम

खबर मंकी की अनुभवी एडिटोरियल डेस्क। हमारे लेखक और संपादक दिन-रात निष्पक्ष, सटीक और तीव्र समाचार आप तक पहुँचाने के लिए काम करते हैं।

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